मुझे मेरी लड़ाई से हिलाना आसान काम नहीं है

मुझे मेरी लड़ाई से हिलाना आसान काम नहीं है

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Gurudas Kamat
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एक राजनीतिक दल, जो की इतिहास के पन्नों का हिस्सा बनने की कगार पर है, के कुछ समर्थक मेरे व्यक्त किये विचारों को बिलकुल समझ नहीं पाए जिन्हे मैंने आसानी से समझाने के लिए 3 भाषाओँ में व्यक्त किया था। मैंने हर प्रांत /समाज के गरीब हॉकर्स, जिन्हें की महानगरपालिका की मान्यता प्राप्त है, उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को जल्द से जल्द लागू करने को कहा था, जिसमे मुंबई में कार्यरत हॉकरों को महानगरपालिका द्वारा एक नए सर्वे कर मान्यता दी जानी चाहिए और उन्हें अपना काम नामित जगह पर हाकिंग जोन बना कर करने देने की व्यवस्था करनी चाहिए।

इसका मतलब यह नहीं है की मैंने हॉकरो को रेलवे प्लेटफार्म या स्काई वाकस या उसके 150 मीटर्स के अंदर लगाने के लिए कहा है।कृपया मेरा पोस्ट एक बार फिर पढ़ लें जो की तीन भाषाओँ में आपकी सुविधा के लिए उपलप्ध है।

पर यह ध्यान रखिये, मैं कभी किसी को कानून अपने हाथ में लेने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता। एक राजनितिक दल के अध्यक्ष ने पिछले साल मेरे घर पर कुछ 40-50 लोगों को नारे लगाने और गाली देने के लिए भेजा था, जिसका मेरे 15000 कार्यकर्ताओं ने 400 बसों में उपयुक्त जवाब दिया था। तो मुझे मेरी लड़ाई से हिलाना आसान काम नहीं है। कुछ मूर्खता पूर्ण कदम उठाने से पहले अपने नेता से पूछ लेना, क्यूंकि उसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा। याद रखना और अपने नेता को बता देना।