हिन्द केसरी पहलवान नासिर कुरैशी के सामने दंगल में कोई नहीं आया मुक़ाबला करने, निर्विरोध विजेता!

हिन्द केसरी पहलवान नासिर कुरैशी के सामने दंगल में कोई नहीं आया मुक़ाबला करने, निर्विरोध विजेता!

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अलीगढ़। कुश्ती का खेल ताक़त और टेक्नीकी का है,यहाँ पांच दस मिनट के समय में सारा हुनर दिखाना होता है, पालक छपकते ही दाव लग जाता है, हाल यह है कि इस खेल में बड़े बड़े पहलवानों को पिद्दी जैसे पहलवान भी पटख देते हैं| भारत कुश्ती में हमेशा ही दुनियांभर में आगे रहा है यहाँ गामा पहलवान जैसे लोग हुए हैं जो अपने जीवन में कभी कोई कुश्ती नहीं हारे थे|

पलवल, हरियाणा निवासी व दिल्ली से कुश्ती लड़ने वाले पहलवान नासिर कुरैशी के सामने कुश्ती दंगल में दिग्गज पहलवान भी ठिठक गए। भारत केसरी रहे नासिर जब अखाड़े में उतरे तो उन्होंने सभी पहलवानों को चुनौती दी लेकिन उनकी चुनौती स्वीकार करने का दम किसी पहलवान ने नहीं दिखाया। यह कुश्ती 51 हजार रुपये की थी, जिसमें नासिर को निर्विरोध विजेता चुन लिया गया। वहीं, दूसरी बड़ी कुश्ती 31 हजार रुपये की थी, जिसमें राजस्थान के राजेंद्र विजेता बने। वहीं, 21 हजार रुपये की कुश्ती अलीगढ़ के जीशान व चंदौसी के इरशाद के बीच हुई जो बराबरी पर रही। अन्य कुश्ती में उत्तराखंड के राजा कुरैशी को अलीगढ़ के भोलू पहलवान ने शिकस्त दी। हालांकि हरियाणा के संदीप को उत्तराखंड के राजा कुरैशी ने पटखनी दी।

समारोह में मुख्य आकर्षण का केंद्र मुख्य अतिथि सीओ बरला अनुज कुमार चौधरी रहे। इन्होंने 1997 से लेकर 2010 तक राष्ट्रीय कुश्ती खेलते हुए 53 बार देश का प्रतिनिधित्व किया है। नुमाइश मैदान स्थित राजेंद्र अखाड़ा में जिला कुश्ती वेलफेयर एसोसिएशन ने नॉर्थ इंडिया कुश्ती दंगल कराया है, जिसका शुक्रवार को समापन हुआ। मुख्य अतिथि और डिप्टी स्पो‌र्ट्स ऑफिसर अश्रि्वनी कुमार त्यागी ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों का हाथ मिलवाकर मुकाबला शुरू कराया।

इस दौरान नदीम खांडे, डॉ. प्रशांत शर्मा, अर्जुन सिंह फकीरा, यासीन शम्स, तसलीम मुख्तार, फजल, शकील, मुकीम, फरहान खलीफा व छोट पहलवान आदि रहे।

अन्य कुश्तियों के विजेता

पुरुष कुश्ती में अफरोज, विष्णु, बिलाल, सनी, मतीन, दिलशाद, फईम, रिजवान, सोनी, बंटी, संग्राम सिंह, रामू, हिमांशु, रेहान व महिला कुश्ती में सोनिया व नमिता कुमारी विजयी रहीं।