13 नवंबर का इतिहास :: 13 नवंबर 1924 को मौलाना मुहम्मद अली व शौकत अली जौहर की माता आबिद बेगम का निधन हुआ!

13 नवंबर का इतिहास :: 13 नवंबर 1924 को मौलाना मुहम्मद अली व शौकत अली जौहर की माता आबिद बेगम का निधन हुआ!

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13 नवंबर वर्ष 1975 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एशिया के चेचक मुक्त होने की घोषणा की है।

13 नवंबर वर्ष 1918 को ऑस्ट्रिया गणराज्य बना।

13 नवंबर वर्ष 1950 को तिब्बत ने चीनी आक्रमण के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र में अपील की।

13 नवंबर वर्ष 1968 को पाकिस्तान में जुल्फ़िक़ार अली भुट्टो को गिरफ्तार किया गया।

13 नवंबर वर्ष 1971 को अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान नासा द्वारा भेजा गया यान मरीनर 9 मंगलग्रह की कक्षा में पहुँचा।

13 नवंबर वर्ष 1971 को अमेरिकी विमान मैरिनर-9 ने मंगल ग्रह का चक्कर लगाया।

13 नवंबर वर्ष 1975 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एशिया के चेचक मुक्त होने की घोषणा की।

13 नवंबर वर्ष 1985 को पूर्वी कोलंबिया में ज्वालामुखी फटने के कारण करीब 23,000 लोग मारे गए थे।

13 नवंबर वर्ष 1997 को सुरक्षा परिषद ने इराक़ पर यात्रा प्रतिबंध लगाया।

13 नवंबर वर्ष 1998 को चीन के विरोध के बावजूद दलाई लामा और अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने मुलाक़ात की।

13 नवंबर वर्ष 2004 को अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के निर्माण के लिए चार साल का समय निर्धारित किया।

13 नवंबर वर्ष 2005 को आतंकवाद के सफाये और दक्षिण कोरिया को विकसित आर्थिक विश्व के मानचित्र में शामिल करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने के भारत के आह्वान पर सहमति के साथ दक्षेस का 13वाँ शिखर सम्मेलन सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में दक्षेस का 14वाँ शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

13 नवंबर वर्ष 2007 को कॉमनवेल्थ ने देश में आपात काल हटाने के लिए पाकिस्तान को 10 दिनों का समय दिया।

13 नवंबर वर्ष 2007 को आस्ट्रेलिया में आयोजित एशिया पैसिफ़िक स्क्रीन अवार्ड में भारतीय फ़िल्म ‘गांधी माई फ़ादर’ को सर्वश्रेष्ठ पटकथा का पुरस्कार मिला।

13 नवंबर वर्ष 2008 को ‘असम गण परिषद’ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल हुई।

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13 नवंबर सन 1743 ईसवी को फ़्रांसीसी रसायन शास्त्री ऐंटोडन लौरेन डी लेवोज़िये का जन्म हुआ। उनको फ्रांस की क्रान्ति के विरोध के कारण 1794 ईसवी में फॉसी दे दी गयी।

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13 नवंबर वर्ष 1918 को आस्ट्रिया गणराज्य बना। यह मध्य यूरोप में स्थित एक देश है। इसकी राजधानी वियना है। इसकी मुख्य और राज भाषा जर्मन है। देश का अधिकतर भाग ऐल्प्स पर्वतों से ढका हुआ है। यूरोपीय संघ के इस देश की मुद्रा यूरो है। इसकी सीमाएं उत्तर में जर्मनी और चेक गणराज्य से, पूर्व में स्लोवाकिया और हंगरी से, दक्षिण में स्लोवाकिया और इटली और पश्चिम में स्वीटरज़लैंड और लीश्टेनश्टाइन से मिलती है।

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13 नवंबर सन 1924 ईसवी को भारत के स्वतंत्रता संग्राम की नेता तथा मौलाना मुहम्मद अली व शौकत अली जौहर की माता आबिद बेगम का निधन हुआ। वे बी अम्मा के नाम से विख्यात थीं। 28 वर्ष की आयु में वे विधवा हो गयीं परंतु उन्होंने अपने बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलायी। उनके दोनों बेटों मौलाना मोहम्मद अली जौहर व मौलाना शौकत अली जौहर ने भारत की स्वतंत्तता की लड़ाई में प्रभावशाली भूमिका निभाई।

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13 नवंबर सन 1831 ईसवी में स्कॉटलैंड के भौतिकशास्त्री तथा गणितज्ञ मैक्सवेल का जन्म हुआ।

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13 नवंबर सन 1970 ईसवी को बांग्लादेश में एक भीषण चक्रवात आया जिसमें लगभग दो लाख लोग हताहत हो गये। इस चक्रवात से भारी आर्थिक हानि भी हुई।

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13 नवंबर वर्ष 1975 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एशिया के चेचक मुक्त होने की घोषणा की है। चेचक का रोग बहुत ही प्राचीन है जिसे शीतला, बड़ी माता और स्माल पाक्स भी कहा जाता है। सन्‌ १७१८ में यूरोप में लेडी मेरी वोर्टले मौंटाग्यू ने पहली बार इसकी सुई (inoculation) प्रचलित की और सन्‌ 1796 में जेनर ने इसके टीके का आविष्कार किया। चेचक विषाणु जनित रोग है ,इसका प्रसार केवल मनुष्यों में होता है ,इसके लिए दो विषाणु उत्तरदायी माने जाते है वायरोला मेजर और वायरोला माइनर।
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इस रोग के विषाणु त्वचा की लघु रक्त वाहिका,मुंह ,गले पर प्रभाव दिखाते हैं। चेचक या small pox रोग अत्यंत प्राचीन है। आयुर्वेद के ग्रंथों में इसका वर्णन मिलता है। मिस्र में १,२०० वर्ष ईसा पूर्व की एक ममी पाई गई थी, जिसकी त्वचा पर चेचक के समान धब्बे मौजूद थे। विद्वानों ने उसका चेचेक नाम दिया था। चीन में भी ईसा के कई शताब्दी पूर्व इस रोग का वर्णन पाया जाता है। छठी शताब्दी में यह रोग यूरोप में पहुँचा और १६वीं शताब्दी में स्पेन निवासियों द्वारा अमरीका में पहुँचाया गया।

चेचक विषाणु जनित रोग है, इसका प्रसार केवल मनुष्यों में होता है, इसके लिए दो विषाणु उत्तरदायी माने जाते है वायरोला मेजर और वायरोला माइनर इस रोग के विषाणु त्वचा की लघु रक्त वाहिका, मुंह, गले में असर दिखाते है, मेजर विषाणु ज्यादा मारक होता है, इसकी म्रत्यु दर ३०-३५% रहती है, इसके चलते ही चेहरे पर दाग, अंधापन जैसी समस्या पैदा होती रही है, माइनर विषाणु से मौत बहुत कम होती है।

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22 आबान सन 1344 हिजरी शम्सी को ईरान के विख्यात लेखक, शोधकर्ता और साहित्यकार सईद नफीसी का 71 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे उच्च स्तीय शिक्षा के लिए फ्रांस गये। जहॉ उन्होंने राजनीति पढ़ी। वहॉ से ईरान वापस आकर वे विश्वविद्यालय में शिक्षा देने लगे। साथ ही वे ईरान सांस्कृतिक विभाग से भी जुड़े रहे। उन्होंने लगभग 180 पुस्तकों का संकलन और अनुवाद किया। उन्होंने तारीखे बैहक़ी, क़ाबूसनामा, ग़ज़लियाते उत्रार आदि पुस्तकों का संपादन किया। सईद नफ़ीसी ने इसके अतिरिक्त भी कई पुस्तकें छोड़ी हैं।

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22 आबान वर्ष 1373 हिजरी शम्सी को ईरान की प्राचीन भाषाओं के जाने माने उस्ताद डाक्टर मेहरदाद बहार का निधन हुआ। वे प्रसिद्ध ईरानी कवि मलिकुशोअराये बहार के पुत्र थे इसी लिए बाल्यकाल से ही सांस्कृतिक एवं साहित्यिक वातावरण में उन का पालन पोषण हुआ। मेहरदाद बहार ने उच्च शिक्षा लन्दन विश्वविद्यालय से प्राप्त की। स्वदेश लौटने के बाद वे ईरान की सांस्कृतिक संस्था और कला एवं साहित्य से संबंधित सांस्कृतिक केंद्र में संलग्न हो गये और विश्वविद्यालय में भी पढ़ाने लगे। डाक्टर बहार ने ईरान की माध्यमिक एवं प्राचीन भाषाओं में बहुत से शोघ एवं अनुसंधान किए हैं। उन की महत्वपूर्ण रचनाओं में असातीर ईरान और सुख़नी चंद दरबारये शाहनामे की ओर संकेत किया जा सकता हैं।

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24 सफ़र सन 158 हिजरी क़मरी को ईरान में दैलमी वंश के शासन काल के विख्यात विद्वान मंत्री और साहित्यकार साहेब बिन अब्बाद का निधन हुआ। वे कुशल लेखक थे और अपने समय के प्रतिष्ठित लेखकों में गिने जाते थे। इस प्रकार से कि उस समय के कई विद्वानों ने अपनी पुस्तकें अब्बाद के नाम से लिखीं। दैलमी शासन काल में मंत्री का पद संभालने के बावजूद अब्बाद ने विनम्रतापूर्ण और सादा जीवन बिताया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं जिनमें अलमोहीत का नाम लिया जा सकता है यह एक शब्दकोष है जो सात जिल्दों पर आधारित है।