Happy Birthday : पीठ में तेज दर्द के बावजूद खेला ये बल्लेबाज़, टीम को दिलाई रोमांचक जीत!

Happy Birthday : पीठ में तेज दर्द के बावजूद खेला ये बल्लेबाज़, टीम को दिलाई रोमांचक जीत!

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क्रिकेट की दुनिया में यूं तो वीवीएस लक्ष्मण को उनकी कोलकाता में खेली गई 281 रनों की लाजवाब पारी के लिए याद किया जाता है. लेकिन वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण ने इसके अलावा भी अपने क्रिकेट करिअर में ऐसी कई पारियां खेलीं, जिन्होंने टीम इंडिया को जीत दिलाई. ये और बात है कि उन्हें अपने खेल के मुकाबले क्रेडिट हमेशा कम दिया गया. नहीं तो ऑस्ट्रेलिया जैसी उस मजबूत टीम के खिलाफ लक्ष्मण का बल्ला हमेशा बोलता था, जिसके आगे उस समय सभी टीमें पानी भरती नजर आती थीं. न सिर्फ भारत में बल्कि, ऑस्ट्रेलिया में जाकर भी उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की.

ऐसा ही दौरा तब हुआ था जब टीम इंडिया 2004 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई. उस दौरे में लक्ष्मण ने टेस्ट और वन डे दोनों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली. 1 नवंबर 1974 को हैदराबाद में जन्मे वीवीएस लक्ष्मण एक समय मेडिकल के स्टूडेंट थे, लेकिन बाद में वह क्रिकेटर बन गए. उनकी क्रिकेट में शुरुआत धीमी रही, लेकिन एक बार रफ्तार पकड़ने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. हालांकि इतने कामयाब क्रिकेटर होने के बावजूद वह कभी वर्ल्डकप में नहीं खेल पाए.

जब कंगारू गेंदबाजों ने कहा, पता नहीं लक्ष्मण को बॉल कहां डाले
2003-04 के दौरे में वीवीएस लक्ष्मण ने अपने बल्ले कंगारू गेंदबाजों के अंदर इतना खौफ भर दिया कि उन्हें समझ हीं नहीं आ रहा था कि वह उन्हें कहां गेंद डालें. उनके आंकड़ों पर नजर डालिए. लक्ष्मण ने पहले 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में दो शतकों की मदद से 494 रन बनाए.
गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने ये सीरीज 1-1 से बराबर की. इसके बाद जब वनडे सीरीज शुरू हुई तो लक्ष्मण ने वहीं रूप दिखाया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो मैचों में दो नाबाद शतक लगाए. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उन्हें दोनों पारियों में आउट ही नहीं कर पाए. इसी बल्लेबाजी के बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की ओर से कहा गया कि हमें समझ ही नहीं आता कि हम लक्ष्मण को कहां बॉल डालें.

मोहाली में दिलाई सबसे रोमांचक जीत
लक्ष्मण के नाम पर ज्यादातर लोगों को कोलकाता में दिलाई जीत ही याद आती है. हालांकि उस पारी का कोई मुकाबला भी नहीं है. लेकिन 2010 में मोहाली एक टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई एक पारी में उन्होंने फिर से साबित कर दिया, क्यों उन्हें क्रिकेट में वेरी वेरी स्पेशल कहा जाता है. इस टेस्ट में चौथी पारी में भारत को जीत के लिए 216 रन बनाने थे. लेकिन एक समय टीम के 8 विकेट 124 रनों पर खो दिए थे. लेकिन एक छोर पर लक्ष्मण डटे रहे. नौवें विकेट के लिए लक्ष्मण ने ईशांत शर्मा के साथ 81 रनों की साझेदारी कर टीम इंडिया को मुश्किल से निकाला. फिर अंतिम विकेट के लिए प्रज्ञान ओझा के साथ मिलकर टीम को रोमांचक जीत दिला दी. लक्ष्मण ने ये पारी तब खेली, जब मैच से पहले उनकी पीठ में भयानक दर्द था. लेकिन ये दर्द भी लक्ष्मण को टीम को जीत तक पहुंचने से नहीं रोक सका.

तेंदुलकर के बाद दूसरे बल्लेबाज जिसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 हजार रन बनाए
वीवीएस लक्ष्मण ने क्रिकेट उस दौर में खेला, जब वर्ल्ड क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का डंका बजता था. दुनिया की बाकी की टीमें और बल्लेबाज उसके सामने थर्राते थे. ऐसे समय में लक्ष्मण उन गिनती के खिलाड़ियों में हैं, जिन्होंने बेखौफ होकर ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की बखियां उधेड़ दीं. तेंदुलकर के बाद वह सिर्फ दूसरे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 से ज्यादा रन बनाए.