UP में हुऐ एनकाउंटरस पर मानवाधिकार आयोग का यूपी सरकार को नोटिस!

UP में हुऐ एनकाउंटरस पर मानवाधिकार आयोग का यूपी सरकार को नोटिस!

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उत्तर प्रदेश में कानून व्य्वस्था का क्या हाल है यह किसी से ढाका छिपा नहीं है, अपराधों पर लगाम लगाने में अभी तक प्रदेश की सरकार नाकाम रही है, मुख्यमंत्री ने सूबे के पुलिस महकमे को इशारा दे रखा है कि अपराधियों का सफाया किया जाये, इसी कारण पिछले समय में पुलिस मुढभेड़ की अनेक घटनाएं सामने आयी, इन एनकाउंटर्स के बाद भी अपराध कम नहीं हुए हैं|

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘अपराधी जेल जाएंगे या एनकाउंटर में मारे जाएंगे’ वाले बयान पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस संबंध में छह हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पुलिस द्वारा किए जाने वाले एनकाउंटर का यूपी सरकार ने समर्थन किया है। आयोग ने कहा कि भले ही कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो, लेकिन राज्य एनकाउंटर जैसे ‘हथियार’ को सहारा नहीं ले सकता।

आयोग का कहना है कि मुख्यमंत्री के कथित बयान का मतलब पुलिस या राज्य सरकार के बलों को अपराधियों से निपटने के लिए फ्री हैंड देना है। यह सभ्य समाज के लिए सही नहीं है। आयोग ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2017 से 5 अक्तूबर, 2017 के बीच राज्य में 433 एनकाउंटर हो चुके हैं। इनमें 19 अपराधी मारे गए, जबकि 89 जख्मी हुए।

इनमें 98 पुलिस अधिकारी भी जख्मी हुए और एक शहीद हो गया। मालूम हो कि मार्च में ही उत्तर प्रदेश में नई सरकार आई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार एनकाउंटर को उपलब्धि मान रही है और वह इसे राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार का प्रमाण बताया है।