क्या भारत से एशिया कप की मेज़बानी छिन जाएगी?

क्या भारत से एशिया कप की मेज़बानी छिन जाएगी?

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भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का प्रभाव क्रिक्रेट जगत पर भी पड़ रहा है और इससे क्रिक्रेट प्रेमी आहत हैं।

अंडर 19 एशिया कप की मेज़बानी से वंचित होने के बाद भारतीय क्रिक्रेट बोर्ड से सीनियर टीमों के एशिया कप की मेज़बानी भी छिनने का ख़तरा है। भारत और पाकिस्तान के बीच राजनैतिक संबंधों के कारण दोनों देशों के बीच संबंध दिन प्रतिदिन ख़राब होते जा रहे हैं जिसके परिणाम में दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के क्रिक्रेट संबंध की संभावना दम तोड़ती नज़र आ रही है।

वास्तव में भारत, पाकिस्तान की मेज़बानी से हिचकिचा रहा है जिसके कारण पहले ही वह अंडर 19 एशिया कप की मेज़बानी गंवा चुका है और अब अगले वर्ष जून में एशिया कप की मेज़बानी भी छिनने का ख़तरा सिर पर मंडराने लगा है।

भारतीय मीडिया के अनुसार अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि भारत अपने देश में होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए पाकिस्तानी टीम को आने का निमंत्रण देगा या नहीं क्योंकि यदि भारत ऐसा नहीं करता तो उसे अपने फ़ैसले से एशियन क्रिक्रेट काउंसिल को अवगत कराना होगा ताकि वह किसी वैकल्पिक स्थान का प्रबंध कर सके।

बोर्ड आफ़ कंट्रोल फ़ॉर क्रिकेट इन इंडिया के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि हमें केन्द्र से पाकिस्तान की अंडर 19 टीम की मेज़बानी की अनुमति नहीं मिली इसीलिए इस बात की आशा बहुत कम है कि पड़ोसी देश की सीनियर टीम के लिए अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि एशियन एथलीक्टस चैंपियन शिप के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीज़े जारी किए गये थे किन्तु क्रिक्रेट का मामला अलग है क्योंकि दोनों ही देशों की जनता क्रिक्रेट से भावनात्मक लगाव रखती है।

ज्ञात रहे कि वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच क्रिक्रेट संबंध हर गुज़रते दिन के साथ तनाव ग्रस्त होते जा रहे हैं और दोनों देशों के बीच 2007 के बाद से पूरी श्रंखला नहीं खेली गयी।

इस संबंध में 2012 में सर्द संबंध पर जमी बर्फ़ उस समय पिघली जब भारत ने दो टी20 और तीन एक दिवसीय मैचों की श्रंखला के लिए पाकिस्तान की मेज़बानी की और इस प्रकार संबंधों में बेहतरी की कुछ आशा नज़र आने लगी किन्तु केन्द्र में सरकार बदलने के साथ ही संबंध दिन प्रतिदिन ख़राब होते रहे।