चिकनगुनिया के लक्षण और बचाव_स्वस्थ विभाग मच्चर मारने की दवा का छिड़काव क्यों नहीं करता है?

चिकनगुनिया के लक्षण और बचाव_स्वस्थ विभाग मच्चर मारने की दवा का छिड़काव क्यों नहीं करता है?

Posted by

सर्दियों का मौसम आते ही भारत में मछरों के काटने से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, भारत के लगभग हर कोने में मच्छारों का पाया जाना आम बात है| बीमारियां फैलने पर अनेक चेतावनियां, तरीके इन से बचने के लिए बताये जाते हैं, मगर निगम, नगर निगम, स्वस्थ विभाग को कोई नहीं घेरता है| इन विहगों के ज़िम्मे साफ़ सफाई के अलावा दवाओं के छिड़काव का भी काम होता है अगर समय समय पर गन्दी जगहों पर मच्चर मारने की दवा का छिड़काव होने लगे तो इन बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है|

समय दिल्ली की आधी से ज्यादा जन ता चिकनगुनिया की चपेट में है, जिसके कारण स्वास्थ्य मंत्रालय में हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है चिकनगुनिया?

चिकनगुनिया एक वायरस है, जो कि एडिस मच्छर के काटने से होता है। जैसे ही वायरस बॉडी में प्रवेश करता है, इंसान बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रसित हो जाता है।

आइये जानते हैं इस रोग के लक्षण के बारे में..
चिकनगुनिया बुखार में इंसान के जोड़ों में काफी दर्द होता है।
कभी-कभी तो ये दर्द ठीक होने में 6 महीने से ज्यादा का समय लग जाता है।
मरीज को हमेशा बुखार रहता है (100 डिग्री के आस-पास)।

-एक निर्धारित समय आने पर बुखार एकदम से तेज भी हो जाता है।
-शरीर पर लाल रंग के रैशेज बन जाते हैं।
-मरीज को भूख नहीं लगती और हमेशा थकान महसूस होती है।
-सिर में दर्द और खांसी-जुकाम रहता है।

आइये जानते हैं इस रोग के उपाय के बारे में..
============
सबसे गंभीर बात ये है कि इस रोग से बचने के लिए कोई टीका नहीं है इसलिए एडिस मच्छर से बचने के लिए इंसान को अपने आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि मच्छर पनपे ही ना। इस रोग से बचने के लिए हम आपको निम्नलिखित टिप्स बता रहें हैं जिन पर अमल करके आप इस वायरस की चपेट में आने से बच सकते हैं।

**चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है
आमतौर पर चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में भी मच्छर कॉयल जलाकर रखें।

**सफाई रखें
अपने घर के अंदर और आस-पास हमेशा सफाई रखें।

**पानी स्टोर ना होने दें
घर में पानी एकत्रित होने ही ना दें।

**कूलर का पानी चेंज करें
कूलर के पानी को रोज बदलिये।

**मच्छरदानी का प्रयोग
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग कीजिये।

**अपने आप को कवर रखें
फूल बांह वाले कपड़े पहनिये और हमेशा अपने आप को ढ़ककर घर से निकलें।

**अपने डॉक्टर खुद ना बनें
लक्षणों के आधार पर डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा लें, अपने डॉक्टर खुद ना बनें।

**बाहर खाना ना खायें
बाहर का खुला खाना या पानी पीने से बचें, कोशिश करें कि घर पर ही खायें।

**खूब पानी पीजिये
खूब पानी पीजिये, जिससे आपका इम्यून पॉवर मजबूत रहे।

**खिड़की-दरवाजों को बंद रखें
शाम होते ही खिड़की-दरवाजों को बंद रखें, ताकि मच्छर घर में प्रवेश ना कर पायें।

‘चिकनगुनिया’ के कारण हो रहा है जोड़ों में दर्द तो अपनाएं ये नुस्‍खे
*************

इस रोग के ठीक होने के बाद भी लोगों को इसकी वजह से होने वाले शारीरिक कष्ट से छुटकारा नहीं मिलता है, अगर आप भी चिकनगुनिया के साइड इफेक्ट यानी कि जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, तो आप भी ये घरेलू नुस्खों की मदद से सकून पा सकते हैं।

जानिए चिकनगुनिया के बारे में: लक्षण और बचाव के तरीके

घरेलू नुस्खे

============
लौंग का तेल: लौंग का तेल जोड़ों के दर्द के लिए अमृत है, इस तेल में आप लहसुन को कूटकर मिला दीजिए और जोड़ों पर लगाइये, आपको तुरंत राहत मिलेगी।

अश्वगंधा:– बाबा रामदेव के मुताबिक अश्वगंधा हर दर्द का इलाज है, इसके सेवन से शरीर के हर दर्द का इलाज हो जाता है।

गाजर:– आप गाजर के पेस्ट को जोड़ों पर लगाए और उसका जूस पीजिए, असर एक हफ्ते में दिखाई देगा।

हल्दी:– हल्दी हर रोग का रामबाण इलाज है, इसे आप दूध में मिलाकर पीजिए या फिर जोड़ों पर प्याज और सरसों के तेल साथ मिलाकर लगाइये, तुरंत आराम मिलेगा।

बर्फ:– जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए एक छोटे तोलिए में बर्फ डालकर दर्द की जगह सेक करें, आराम मिलेगा।
कसरत: आप हल्की-फूल्की एक्सरसाइज रोज करें, ये आपकी मांसपेशियों के काफी जरूरी है, अगर आप ऐसा करेंगे तो आपको दवा नहीं खानी पड़ेगी।