जयराम ठाकुर ने ली हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ, जानिए किन्हे मिले मंत्री पद

जयराम ठाकुर ने ली हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ, जानिए किन्हे मिले मंत्री पद

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हिमाचल प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर बुधवार (27 दिसंबर) को शिमला में शपथ ली। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ठाकुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह भी इस समारोह में भाग ले रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री इस शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद हैं। जयराम ठाकुर के साथ महेन्‍द्र सिंह, सुरेश भारद्वाज, अनिल शर्मा, सरवीन चौधरी, राम लाल मार्कंड, विपिन सिंह परमार, वीरेंद्र कंवर, विक्रम सिंह, गोविंद सिंह और राजीव सहजल ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने से पहले ठाकुर ने बुधवार को एएनआई से कहा, ”लोगों ने हममें विश्‍वास दिखाया है, हम उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। बहुत खुशी होती अगर पिताजी आज साथ होते, एक साल पहले वो हमें छोड़कर चले गए। माताजी अस्‍वस्‍थ हैं, पर उनका आशीर्वाद है और ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।” भाजपा ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को हराकर सत्ता हासिल की है। भाजपा ने 68 सदस्यीय विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब 44 सीटें हासिल की है। कांग्रेस ने 21 सीटों पर जीत हासिल की है।

हिमाचल प्रदेश CM शपथ समारोह): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के विश्वासपात्रों में से एक ठाकुर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश CM शपथ समारोह :

– राजीव सैजल राज्‍यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। पेशे से डॉक्‍टर हैं, दलित कोटे से मंत्री बने हैं। कसौली सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं, कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

– गोविंद सिंह ठाकुर भी संस्‍कृत में शपथ ले रहे हैं। कुल्‍लू की मनाली सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। इनके पिता हिमाचल सरकार में मंत्री रहे हैं। 6 करोड़ की संपत्ति के मालिक गोविंद के खिलाफ 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

– बिक्रम सिंह को राज्‍यपाल मंत्री पद की शपथ दिला रहे हैं। कांगड़ा की जसवां-प्रागपुर सीट से तीसरी बार विधायक चुने गए बिक्रम 2000 में हिमाचल भाजयुमो के अध्‍यक्ष बने थे। उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।

– उना जिले के कुटलैहड़ से विधायक वीरेंद्र कंवर मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। वे संघ और एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं। विपिन परमार को भी मंत्री बनाया गया है। वे तीसरी बार विधायक बने हैं। आरएसएस और एबीवीपी के सक्रिय सदस्‍य रहे हैं।

– रामलाल मार्कंडा मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। इनके खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं है। स्‍पीति से तीसरी बार विधायक बने हैं। पीएचडी की डिग्री रखने वाले रामलाल आदिवासी कोटे से मंत्री बनाए गए हैं।

– सरवीण चौधरी अब कैबिनेट मंत्री की शपथ ले रही हैं। कांगड़ा की शाहपुर सीट से विधायक चौधरी पर एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं हैं। वे 2008 से 2012 तक राज्‍य सरकार में मंत्री रही हैं।

– अनिल शर्मा शपथ ग्रहण के लिए मंच पर हैं। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए हैं। टेलिकॉम घोटाले में दोषी पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के बेटे हैं। शर्मा सलमान खान की बहन अर्पिता के ससुर हैं।

– सुरेश भारद्वाज संस्‍कृत में मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। शिमला सिटी से चौथी बार विधायक बने हैं। एबीवीपी से राजनैतिक कॅरियर की शुरुआत की। हिमाचल प्रदेश भाजपा के अध्‍यक्ष भी रह चुके हैं।

– किशन कपूर मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। वे पांचवीं बार विधायक बने हैं। वे दो बार हिमाचल प्रदेश के मंत्री रह चुके हैं। वरिष्‍ठ बीजेपी नेता शांता कुमार के करीबी माने जाते हैं।

– महेंद्र सिंह ठाकुर शपथ ले रहे हैं। वे दो बार मंत्री रह चुके हैं। धर्मपुर से लगातार आठवीं बार चुनाव जीते हैं। इनके ऊपर एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है।
– केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के विश्वासपात्रों में से एक ठाकुर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। ठाकुर छह जनवरी को 53 साल के हो जाएंगे। वह राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिसकी राज्य में एक महत्वपूर्ण उपस्थिति है। ठाकुर ने मंडी जिले की सेराज सीट से पांचवी दफा विधानसभा चुनाव जीता है। उन्होंने कांग्रेस के चेतराम को शिकस्त दी है। वह मंडी से आने वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे। मंडी, कांगड़ा के बाद हिमाचल का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। इस चुनाव में मंडी की 10 सीटों में से भाजपा ने नौ पर कब्जा किया है।

 शिमला पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। जयराम ठाकुर ने की अगवानी।
– ठाकुर 2007 से 2012 तक प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। ठाकुर को नड्डा का करीबी माना जाता है। उन्होंने मंडी शहर के एक कॉलेज से स्नातक और चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की है। ठाकुर ने साधना सिंह से शादी की है, जो पेशे से चिकित्सक हैं।

– मंडी जिले के तंदी गांव में ठाकुर की 79 साल की मां बिकरुमी देवी ने अपने पैतृक घर में संवाददाताओं से कहा, “मेरे बेटे ने अपने बचपन में बहुत गरीबी देखी है।” ठाकुर के पिता जेठू राम का पिछले साल 25 दिसंबर को निधन हो गया था।

– पांच भाई-बहनों में चौथे स्थान पर रहे ठाकुर को अबतक केवल 1993 में हुए चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने सेराज से 1998 में विधानसभा चुनाव लड़ा और उसके बाद लगातार पांच विधानसभा चुनावों में भारी अंतर से जीत दर्ज की।