दिल्‍ली में रोज़ 19 अपहरण होते हैं, क़ानून व्य्वस्था भारतीय गृहमंत्रालय देखता है!

दिल्‍ली में रोज़ 19 अपहरण होते हैं, क़ानून व्य्वस्था भारतीय गृहमंत्रालय देखता है!

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नई दिल्‍ली| दिल्ली भारत की राजधानी है, दिल्ली को दिल वालों का शहर कहा जाता है पर अब अपनी दिल वाली दिल्ली अपराध का कैपिटल बन चुकी है, राष्ट्रीय राजधानी में हर रोज़ अपराधों का ग्राफ देख कर कोई भी चक्कर खा जायेगा | दिल्ली में देश के सभी सांसद रहते हैं, दिल्ली की सरकार के विधायक, मंत्री रहते हैं, भारत की तमाम ख़ुफ़िया एजेंसियों के कार्यालय हैं, यहाँ अन्य देशों के दूतावास हैं, यहाँ पर देश विदेश का मीडिया है, इतना सब कुछ होने के बाद भी दिल्ली में इंसान की जान सुरक्षित नहीं है | देश की राजधानी की कानून व्य्वस्था भारतीय गृहमंत्रालय देखता है, गृहमंत्रालय के अधीन ही यहाँ की पुलिस काम करती है, जब देश की राजधानी का यह हाल है तो फिर देश के दूर दराज़ के इलाकों का हाल आसानी से समझा जा सकता है|

90 के दशक में जब बिहार में कानून व्यवस्‍था बिगड़ी तब अपहरण के इतने मामले सामने आए कि इसे ‘अपहरण उद्योग’ का नाम दे दिया गया। बिहार में बड़े बड़े डॉक्टरों, उद्योगपतियों और नामी गिरामी लोगों के दिनदहाड़े अपहरण की घटनाओं ने उस समय बिहार के साथ-साथ पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।

बिहार में सरकारें बदलीं तो अपराधियों पर की गई सख्ती से ‘अपहरण उद्योग’ वहां से सिमटना शुरू हो गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार से निकलकर अपहरण का यह उद्योग अब देश की राजधानी दिल्‍ली में अपने पांव जमा चुका है।

हाल ही में एनसीआरबी ने देशभर के अपराध के जो आंकड़े जारी किए हैं उन्हें देखकर यही कहा जा सकता है कि ‘अपहरण उद्योग’ दिल्‍ली में पूरे चरम पर है।

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ने जो आंकड़े जारी किए हैं उनके अनुसार देश की राजधानी दिल्‍ली ने अपहरण के मामलों में देश के बाकी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। जारी किए गए आंकडों के अनुसार देश में होने वाले अपहरण के सात मामलों में से एक दिल्‍ली का होता है। आलम ये है कि औसतन दिल्‍ली में रोजाना 19 लोगों का अपहरण कर लिया जाता है, जबकि पूरे देश में रोजाना 146 लोग अपहरण का शिकार होते हैं।

अपहरण के मामलों में दिल्‍ली ने बाकी मेट्रो सिटी को पीछे छोड़ा

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आंकडों के अनुसार साल 2016 में दिल्‍ली में अपहरण के कुल 6619 केस रजिस्टर्ड किए गए, जबकि 6982 लोगों के अपहरण की बात सामने आई, जो प्रति एक लाख की आबादी पर अपहरण के मामले में देशभर में सबसे ज्यादा है।

हालांकि अच्छी बात ये रही कि इनमें से 5876 लोगों को सकुशल बरामद कर लिया गया, जबकि 17 लोग ऐसे बदकिस्मत रहे जो अपने घर नहीं लौट सके और उनकी हत्या कर दी गई। जबकि इसी दौरान देशभर में अपहरण के कुल 88008 केस दर्ज किए किए गए और 89875 लोगों के अपहरण की बात सामने आई।

इनमें से पुलिस ने 69274 लोगों को सकुशल बचाया वो खुद लौट आए जबकि 325 लोगों की हत्या कर दी गई। शहरी क्षेत्र की बात करें तो भी दिल्‍ली अपहरण के मामले में बाकी मेट्रो सिटी पर भारी रही।

दिल्‍ली के शहरी इलाके में साल 2016 में अपहरण के कुल 5925 मामले सामने आए जबकि इस अवधि में मायानगी मुंबई में अपहरण के मात्र 1949 मामले दर्ज किए गए जबकि बंगलूरू में 974 और कोलकाता में 290 और चेन्नई में सबसे कम मात्र 34 मामले अपहरण के दर्ज हुए। हालांकि राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में साल 2016 में सबसे अधिक 15898 केस अपहरण के दर्ज किए गए।

सबसे ज्यादा 12-16 साल उम्र की लड़कियों का होता है अपहरण
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दिल्‍ली में होने वाली अपहरण की इन घटनाओं का सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं और बच्चे होते हैं। साल 2016 में दिल्‍ली में जो अपहरण के कुल 6619 मामले दर्ज किए गए उनमें से 4041 महिलाओं के रहे, इनमें काफी संख्या छोटी बच्चियों की भी रही।

खासकर 12 से 16 साल की लड़कियों के अपहरण का आंकडा सबसे ज्यादा रहा। बीते साल दिल्‍ली में इस उम्र की कुल 1752 लड़कियों का अपहरण हुआ। जबकि इस दौरान अपहरण होने वाले लड़कों की संख्या 1250 रही।

वहीं 16 से 18 साल की उम्र में दिल्‍ली में 1317 लड़कियों का अपहरण किया गया, जबकि इस दौरान लड़कों के अपहरण का आंकड़ा मात्र 613 रहा। अपहरण किए गए इन मामलों में से ज्यादातर फिरौती वसूलने और आपसी रंजिश में किए गए।