बुराई को बुराई कहने वाले लोगों का अस्तित्व देश को हर शैतान से बचा सकता है

बुराई को बुराई कहने वाले लोगों का अस्तित्व देश को हर शैतान से बचा सकता है

Posted by

Mohd Sharif

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जिस देश के निवासी विभिन्न धर्मों के मानने वाले हों और बहुसंख्यक समाज पर उसका गुण्डा तत्व हावी हो जाए तो उस देश में लोकतन्त्र अल्पसंख्यकों के लिए अभिशाप बन सकता है।
ऐसी स्थिति में बहुसंख्यक समाज के शरीफ़ लोग अगरअपने समाज के गुण्डा तत्वों पर अंकुश नहीं लगाते हैं तो उसके नतीजे में गुण्डा तत्वों का सत्ता पर क़ब्ज़ा होने का अन्देशा रहता है और अगर इन गुण्डा तत्वों के हाथों में सत्ता आ जाए तो फिर ऐसे ख़तरनाक हालात पैदा होते हैं कि चाहे अदालत हो या चुनाव आयोग हो सभी को नपुंसक बना कर उनको सत्ताधारी गुण्डे अपनी इच्छानुसार काम करने को मजबूर कर सकते हैं।
हमारी कामना है कि भारत में ऐसे हालात पैदा न हों लेकिन अगर दुर्भाग्य वश ऐसे हालात बनते हैं तो जब तक बुराई को बुराई कहने वाले लोग रहेंगे तो बड़े से बड़ा शैतान भी देश का कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा।