मुसलमान की फिर हत्या_देश में अराजकता का मुख्यकारण देश की सड़ियल कानून व्यवस्था है

मुसलमान की फिर हत्या_देश में अराजकता का मुख्यकारण देश की सड़ियल कानून व्यवस्था है

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परवेज़ ख़ान
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जब किसी देश, समाज में कानून का राज नहीं रहता है तो वहां पर जंगल राज क़ायम हो जाता है, 1984 के सिख विरोधी दंगे, बाबरी मस्जिद, मुंबई दंगे, गुजरात दंगे, मलियाना, मेरठ, मुरादाबाद, अख़लाक़ अहमद, पहलू खान आदि आदि मामलों में अदालतों ने देश के साथ इन्साफ नहीं किया है, ऐसे मामलों में अदालतें मुजरिमों की हिमायती बन कर सामने आयी हैं, भारत में अदालतों, सेना पर ऊँगली उठाने वालों को दुश्मन की नज़र से देखा जाता है, जबकि न तो यह अदालतें पाक साफ़/दूध की धूलि हैं न ही सेना का दमन उजला है, अदालतों में लाखों मुकदमों का बोझ रहता है, चूँकि जजस अदालतों में आते ही नहीं हैं और आते भी हैं तो काम नहीं करते हैं, छोटे से छोटे केस में जज सालों तक सरकारी गवाहों को नहीं बुला पाते हैं, किसी जज की जवाबदेही नहीं है कि उसने केसेस में तेज़ी क्यों नहीं लायी|

27 वर्षों से बाबरी मस्जिद को गिराने वालों के खिलाफ मुकद्म्मा अभी तक सबसे निचली अदालत में चल रहा है, इस में अभी तक गवाहियां भी पूरा नहीं हो पायी हैं, शायद अदालत को आरोपियों की मौत का इन्तिज़ार है, कि वह मर मरा जाएं तो हम फाइल क्लोज कर दें, अख़लाक़ अहमद के हत्यारोपी को ‘तिरंगे’ में लपेटा जाता है, सरकार उसको मुआवज़ा देती है, पहलू खान के हत्यारों को क्लीनचिट मिल जाती है, सभी आरोपी ज़मानत पर रिहा हो जाते हैं, संघी आतंकवादियों को सरकारी वकीलों, जाँच एजेंसियों के जरिय रिहा करवा लिया जाता है, 1984 के सिख दंगों के आरोपियों का कुछ नहीं बिगड़ता है, गुजरात के कातिल देश की सत्ता तक पहुँच जाते हैं, मुंबई के दंगाई आज़ाद घूमते रहते हैं और अपनी मौत मरते हैं, जाँच होती है पर कारवाही नहीं होती है|

बाबरी मस्जिद में राम चंद्र जी रात के समय ‘प्रकट’ हो जाते हैं, अदालत मस्जिद की जगह पर हिस्सेदारी/पार्टनरशिप डील तै करती है न कि फैसला देती है, तामा मस्जिद किसी जमुना देवी का मंदिर है, ताज महल, तजोमहलाया का मंदिर है,,,,,देश में जो यह अराजकता फैली हुई है इसका मुख्यकारण देश की सड़ियल कानून विवस्था है, यह विवस्था ज़ालिम, ताक़तवर का साथ देती हैं और कमज़ोर को ज़िंदा जलाने का मौका देती है|

भारत के राजस्थान राज्य में पश्चिम बंगाल के एक मज़दूर की हत्या की ममता बनर्जी ने कड़ी आलोचना की है।

ट्वीट करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि हम बंगाली मज़दूर की हत्या की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि लोग इतने अमानवीय कैसे हो सकते हैं। यह बहुत ही दुखद है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के राजसमंद नगर के राजनगर में शंभूलाल नामक युवक ने एक मुसलमान बंगाली मज़ूदर की निर्मम हत्य करके उसका शव जला दिया। बाद में इस घटना का वीडियो बनाकर उसे अपलोड किया गया। वीडियो में शंभूलाल, लव जेहाद करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा रहा है कि लव जेहाद करने वालों के साथ एसा ही किया जाएगा।

नई दुनिया के अनुसार राजसमंद में बुधवार को शंभूलाल रैगर ने 50 साल के अफराजुल उर्फ भुट्टू को दोस्ती के नाम पर अपने साथ स्कूटर पर बैठाया और कलेक्ट्रेट से मात्र 700 मीटर की दूरी पर खेत में पेड़ों के बीच एक सूने स्थान पर गैंती से अफराजुल उर्फ भुट्टू की बहुत ही बर्बर तरीके से हत्या कर दी। हत्या के बाद शंभूलाल ने उस पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। यह पूरा घटनाक्रम एक वीडियो में कैद किया गया और फिर इसे वायरल कर दिया गया।