वक्त मिले तो पढ लेना… आख़िर आप भी किसी नेता से ज़यादा देश से प्यार करते हैं!!

वक्त मिले तो पढ लेना… आख़िर आप भी किसी नेता से ज़यादा देश से प्यार करते हैं!!

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Sagar_parvez
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वक्त मिले तो पढ लेना… आखिर आप भी किसी नेता से ज्यादा देश से प्यार करते हैं !!

सिर्फ़ एक ग़ाज़ीयाबाद जि़ले में मिडीयम और स्माल इंडस्ट्रीको 15 दिन मे *700 करोड़ का* नुकसान !!
मुंबई को हो रहा रोज़ 325 करोड नुकसान !!

ऐसोचेम की रीपोर्ट के हिसाब से पहेले 4 दिन में जो ह्यूमन रिसोर्स लाइनमें बर्बाद हुआ उसकी क़ीमत है 1 लाख 16 हज़ार करोड !!

80% भारत 15 दिन से ठप्प !! इसके नुकसान का आंकलन करना मेरे बसकी बात नहीं !!

L & T ने 14,000 को नॊकरी से निकाला कुल वर्क फोर्सका 11% !!

CMIE की रिपोर्टके हिसाबसे नोटबंदी की कीमत 1 लाख 25 हजा़र करोड !!

राजस्थान इंडस्ट्री को 1 लाख करोड का नुकसान !!

शेयर मार्केट रोज़ नीचे की ओर जा रहा है !!

₹ डालर($ )के सामने रिकार्ड नीचे (68.40)पर आ चुका है !! और $ 75 तक जानेकी संभावना है !!

विदेशी निवेशक पैसे निकाल कर भाग रहे है !!

मिल मालिको ने मज़दूरों को छुट्टी दे दी है !! चिंता यह हॆ, कि वापास वह अनुभवी लेबर न मिल पायेगी शायद !! मजदूर बने बेरोज़गार !!

GDP को लेकर सभी संस्थाने अपना आंकलन भारत के लिए कम किया !! डा० मनमोहन सिंह ने कहा GDP 2% तक गिर सकती है !!

नोटबंदी छीन रही है 4 लाख नौकरीयां !

80 जीवन अब तक छीन चुका है नोटबंदी !

किसान का रवि फ़सल चौपट करेगा नोटबंदी का फ़ॆसला !!

ये तो सिर्फ चंद आंकडे और आंकलन सपाटी पर आ पाये है !! वक्त के साथ बहुत कुछ सामने आयेगा !!

अब नोटबंदी के समर्थक बताये की इससे देश में 50 दिन के बाद कितना कालाधन सिस्टम में आयेगा ? और देशकी आम जनता को इससे क्या क्या फायदा होगा ???

*फर्जी आंकडे या जुमले ही सुना दो !!*

लेकीन याद रहे भारत में *नकदी में कालाधन सिर्फ 6% ही था !!* बाकी विदेश में, प्रोपर्टी में, सोने इत्यादि में निवेशित है !! वो 6% मे से कितना सेटींग से सफेद करवा दीया गया नोटबंदी से !!

*भारत का नया अर्थशास्त्र* – 4 लाख करोड़ पकड़ने के लिए 40 लाख करोड़ का नुकसान !! वो भी सिर्फ अपनी गिरती साख बचाने और उत्तर प्रदेश चुनाव जीतने के लिये !!

पहेनाये गये *फर्जी राष्ट्रवाद* के चश्मे को उतार कर सोचिएगा ज़रूर…

UPA सरकार ने भी 500 और 1000 के नोट बदलने की बात रखी थी लेकिन तत्कालीन RBI गवर्नर *रघुराम राजन* ने कहा की इससे फायदा कम और नुकसान बहुत ज़्यादा है !! इसके बाद UPA ने ये काम नहीं किया !!

किसी ने ख़ूब कहा है –
*नीम हकीम, ख़तरा- ए- जान !!*