7 दिसंबर का इतिहास : 18 रबीउल अव्वल पहली हिजरी क़मरी को पवित्र नगर मदीना में मस्जिदुन्नबी के निर्माण का काम आरंभ हुआ

7 दिसंबर का इतिहास : 18 रबीउल अव्वल पहली हिजरी क़मरी को पवित्र नगर मदीना में मस्जिदुन्नबी के निर्माण का काम आरंभ हुआ

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7 दिसम्बर सन 1981 में फिलिस्तीन की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले नेता अब्दुल वह्हाब कियाली को बैरुत में ज़ायोनियों ने मार डाला।

वह शिक्षा के दौरान ही राजनीति में आ गये थे और फिलिस्तीन के लिए संघर्ष आरंभ कर दिया था उन्होंने लंदन विश्व विद्यालय से फिलिस्तीन के विषय पर पीएचडी किया। उन्होंने फिलिस्तीन के विषय पर कई किताबें लिखी हैं।

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7 दिसम्बर सन 1662 ईसवी को ब्लेज़ पास्कल नामक फ़्रांस के गणितज्ञ, लेखक और कैल्कयुलेटर मशीन के आविष्कारक का निधन हुआ। वे जून सन 1623 में जन्में थे। उन्हें बचपन से ही गणित से विशेष लगाव था। इसी प्रकार उनके पिता का उस समय के विद्वानों और वैज्ञानिकों से मिलना जुलना था। जिससे पास्कल की क्षमताओं को उभरने का अच्छा अवसर मिला। पास्कल अपने जीवन के अंतिम दिनों में धर्म से बहुत निकट हो गये थे और इस विषय पर उन्होंने पुस्तकें भी लिखीं।

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7 दिसम्बर सन 1889 ईसवी को विश्व में वर्तमान रुप की पहली गाड़ी बनाई गयी। यह गाड़ी जर्मनी के एक वैज्ञानिक कार्ल फ़्रेडरिक बेन्ज़ ने बनाई थी। इस गड़ी की गति 12 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। इसमें ईंधन के रुप में पेट्रोल या फिर एलकोहल का प्रयोग होता था। वर्तमान काल की बसें उस गाड़ी का संपूर्ण रुप हैं। कार्ल बेन्ज़ 1929 में संसार से चल बसे।

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7 दिसम्बर सन 1941 ईसवी को जब योरोप में द्वितीय विश्व युद्ध की आग धधक रही थी जापान के 2 सौ विमानों ने प्रशांत महासागर में पर्ल हार्बर पर स्थित अमरीकी सैनिक ठिकाने पर बम्बारी की । यह घटना उस समय हुई जब जापानी अधिकारी अमरीकी अधिकारियों के साथ पूर्वी एशिया के मामलों पर विचार विमर्ष कर रहे थे। इस आक्रमण के साथ जिसमें अमरीका की 19 सैनिक नौकाएं डूब गयी थीं जापानी सेना ने दक्षिण पूर्वी एशिया के देशों तथा वर्तमान इंडोनेशिया, सुमात्रा और जावा सहित प्रशांत महासाग़र के द्वीपों पर भी आक्रमण आरंभ कर दिया और यह क्षेत्र जापानियों के अधिकार में आ गये। पर्ल हार्बर में अमरीकी सैनिक ठिकाने पर जापान के वायु आक्रमण के बाद विश्व युद्ध पूर्वी एशिया तक फैलता चला गया।

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16 आज़र वर्ष 1332 हिजरी शम्सी को तेहरान विश्व विद्यालय के छात्रों ने तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति रिचर्ड निकसन की ईरान यात्रा के विरोध में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को शाह के पिट्ठु सैनिकों द्वारा दमन किए जाने के परिणाम में कई छात्र शहीद हुए। रिचर्ड निकसन ने ईरान में डाक्टर मुसद्दिक़ की सरकार के विरुद्ध अमरीका की सहायता से कराए गए विद्रोह के साढ़े तीन महीने के पश्चात ईरान की यात्रा की थी। निकसन की इस यात्रा का लक्ष्य इस विद्रोह के परिणाम से लाभ उठाते हुए वाशिंग्टन के हित साधना था जिसका ईरानी छात्रों ने कड़ाई से विरोध किया। 16 आज़र को शाह के विशेष गार्ड के कुछ सिपाही तेहरान विश्वविद्यालय के परिसर में दाख़िल हुए और उन्होंने छात्रों को मारने पीटने के अतिरिक्त तीन छात्रों को शहीद कर दिया। अगले दिन निकसन को इसी विश्वविद्यालय में मानद डाक्ट्रेट की उपाधि दी गयी। ईरान में छात्र आंदोलन के इतिहास में आज के दिन के महत्व के दृष्टिगत 16 आज़र को छात्र दिवस मनाया जाता है।

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18 रबीउल अव्वल पहली हिजरी क़मरी को पवित्र नगर मदीना में मस्जिदुन्नबी के निर्माण का काम आरंभ हुआ। मक्के में स्थित मस्जिदुल हराम के बाद यह संसार की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण मस्जिद है। मक्का से पलायन करके मदीना नगर पहुंचने के तुरंत बाद पैग़म्बरे इस्लाम ने इस मस्जिद के निर्माण का आदेश दिया और स्वयं भी इस निर्माण कार्य में भाग लिया। इस मस्जिद की दीवारें ईंट और पत्थर की तथा छत लकड़ी की बनाई गयी थी। मस्जिद से लग कर पैग़म्बरे इस्लाम और उनके कुछ साथियों के कमरे बने हुए थे। पैग़म्बरे इस्लाम मस्जिद का प्रयोग केवल एक उपासना स्थल के रुप में नहीं बल्कि न्यायिक मामलों को निपटाने, सलाह मशविरे की बैठकें करने, रणकौशल की शिक्षा तथा मुसलमानों के विभिन्न मामलों को सुलझाने के लिए भी करते थे इसी लिए मुसलमानों के निकट इस मस्जिद का महत्व बहुत अधिक है।

अब यह मस्जिद बहुत विस्तृत कर दी गयी है और प्रतिवर्ष दसियों लाख लोग विश्व के कोने कोने से वहॉं जाकर मस्जिद का दर्शन करते हैं।