#BHU_आदिवासियों के समर्थन में अपनी बात वाले असिस्टेंट प्रोफ़ेसर को कहा लुच्चा-लफंगा

#BHU_आदिवासियों के समर्थन में अपनी बात वाले असिस्टेंट प्रोफ़ेसर को कहा लुच्चा-लफंगा

Posted by

Tejbhan Tej
——————-
हिन्दी विभाग, बीएचयू के पूर्व विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ आलोचक और सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफेसर चौथीराम यादव को उसी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सत्यपाल शर्मा ने सिर्फ इसलिए लुच्चा-लफंगा कहा क्योंकि उन्होंने आदिवासियों के समर्थन में अपनी बात कही थी और तथाकथित मुख्य धारा के कॉन्सेप्ट पर सवाल उठाया था। चौथीराम जी के बारे में ऐसी अमर्यादित टिप्पणी जितनी शर्मनाक रही उससे भी कहीं ज्यादा शर्मनाक रही विभाग के बाकी प्रोफेसरों की चुप्पी। किसी ने एक बार भी इस घटिया बयान की निंदा नहीं की। क्या इसे एक संगठित षड्यंत्र के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए ? क्या आपके पास शब्दों और तर्कों का इतना अभाव है कि आप एक रिटायर्ड प्रोफेसर और राष्ट्रीय स्तर के आलोचक के लिए ऐसी जाहिल भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं ? मुझे लगता है कि यह विरोध वैचारिक तो बिल्कुल भी नहीं है। इसमें जाति बहुत भीतर तक धँसी हुई है।
मैं दो दिनों से बहुत असमंजस में था कि इस पर लिखूँ या नहीं, लेकिन मन इसलिए नहीं माना क्योंकि मैं खुद उस सेमिनार में मौजूद था जिसमें यह सब हुआ। और वहाँ का छात्र रह चुका हूँ इसलिए उस विभाग के मनोविज्ञान से भी परिचित हूँ।