अगली सुनवाई तक उपचुनाव के बारे में कोई ऐलान न किया जाए : दिल्ली HC

अगली सुनवाई तक उपचुनाव के बारे में कोई ऐलान न किया जाए : दिल्ली HC

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नई दिल्ली। चुनाव आयोग की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने आम आदमी पार्टी के बीस विधायकों को आयोग घोषित कर दिया है जिस के बाद से दिल्ली की राजनीती में घमासान जारी है, बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी एक दूसरे की तंग खिंच रहे हैं, आरोप प्रत्यारोपण का दौर चल रहा है, आम आदमी पार्टी बीजेपी और मोदी निशाने पर ले रही है तो बीजेपी आप पर आरोपों की बारिश कर रही है कांग्रेस मौके पाए ‘छका’ ज़माने की फ़िराक़ में है|

अयोग्य घोषित किए गए बीस आप विधायकों के मामले पर आज दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई की। इस सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि सोमवार को होने वाली अगली सुनवाई तक उपचुनाव के बारे में कोई ऐलान न किया जाए। दिल्ली हाई कोर्ट में यह याचिका आम आदमी पार्टी ने ही दायर की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग समेत मामले से जुड़े सभी पक्षों से अपना पक्ष रखने को भी कहा है।

बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) के बीस विधायकों को अयोग्य घोषित करने की सिफारिश चुनाव आयोग ने की थी। इसपर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी मुहर लगाई थी। दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को करेगा।

ANI

@ANI
20 AAP MLAs case: Delhi High Court asks Election Commission to not issue any notification for Delhi bypolls till next date of hearing on Monday

3:04 PM – Jan 24, 2018
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क्या है मामला
आप पार्टी ने अपने 20 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था। इसके खिलाफ आवाज उठने लगीं और कहा गया कि यह ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ यानी लाभ के पद का मामला है। लाभ के पद के तहत मंत्रियों जैसी कुछ सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन कोई विधायक ऐसे किसी पद पर नहीं रह सकता। विवाद के बाद दिल्ली सरकार ने नियमों में बदलाव करने वाला बिल दिल्ली विधानसभा में पास करवा लिया था, लेकिन उसे एलजी से मंजूरी नहीं मिली थी।

हाल में चुनाव आयोग ने AAP के 20 विधायकों को लाभ के पद पर रहने का हवाला देते हुए अयोग्य करार दिया था। आयोग के इस संबंध में अपनी सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी थी। शुक्रवार को राष्ट्रपति के पास भेजी गई सिफारिश को रविवार को मंजूरी मिल गई और सभी 20 विधायक अयोग्य करार दिए गए।