कासगंज-पुलिस की दबिश में न दर बाक़ी रहा न दरवाज़े, देखें वीडियो

कासगंज-पुलिस की दबिश में न दर बाक़ी रहा न दरवाज़े, देखें वीडियो

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कासगंज का दंगा न जाने कितने बेकसूरों को बर्बाद कर देगा, न जाने कितने बेगुनाह इस फसाद की वजह से जेलों में भर दिए जायेंगे, तिरंगा यत्र के नाम, बहाने से शुरू हुआ हंगामा ऐसा बढ़ा कि एक की जान चली गयी, कई ज़ख़्मी हो गए,,इस के बाद जो हुआ और जो होगा उसकी मार बहुत सारे लोगों पर पड़ेगी, इन में से कुछ तो कसूरवार होंगे और बाकी होंगे बे कसूर, पुलिस की जाँच अपने देश में किस तरह से होती हैं यह बताने की ज़रूरत नहीं है, सूत्रों से मिली ख़बरों के मुताबिक जिन लोगों पर दंगे में शामिल होने का शक है पुलिस उन के घरों पर दबिश दे रही है, दबिश को पहुंचने वाली पुलिस घरों के दरवाज़े, खिड़की, दीवारें तक गिरा दे रही है, सूत्रों के मुताबिक कुछ जो इस में आरोपी हैं वह कासगंज में रहते भी नहीं और दंगे के दिन भी वहां नहीं थे पर दुश्मनी में इन के भी नाम लिखवा दिए गए हैं, पुलिस इन को तलाश कर रही है, घर तक पहुँचने के लिए अब सीधा रास्ता बन चुका है, न दर बाकी रहा न दरवाज़े,,,

कासगंज में बेगुनाह मासूम मुसलमान हो रहे हैं गन्दी राजनीति के शिकार अल्लाह रहम करे

Abbas Pathan की क़लम से
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अभी बरेली के डीएम विक्रम सिंह का टाइमलाइन देखा। उन्होंने वो पोस्ट डिलीट कर दिया जिससे अतिवादियों को खुजली मची थी। एक अन्य पोस्ट जिसमे उन्होंने अपने बयान से मज़बूरन पलटी मारी और साथ मे मुसलमानो को अपना भाई भी कह दिया।

राघवेंद्र विक्रम सिंह ने एक अरसे तक आर्मी में सेवाए दी है आज उन्हें ये दो कौड़ी के हुड़दंगी देशभक्ति सिखाते नजर आ रहे है। विक्रम सिंह ने खुद को बोटी बनाकर कुत्तो के झुंड में फेंकने का कार्य किया है। उत्तर प्रदेश में भगवे संघटनो ने पुलिस प्रशासन को अपनी रखैल बनाकर रख दिया है। पुलिस की हालत ये है कि धारा 144 और कर्फ्यू का पालन भी करना होता है और किसी भगवे हुड़दंगी को डंडा भी नही मार सकते। पुलिस के दोनों हाथों में अंगारे है। पुलिस को व्यवस्था भी संभालनी है और व्यवस्था बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों को भी गुलाबी चमड़ी की भेड़ की तरह प्रेम से खदेड़ने का कार्य करना है। कल मथुरा में और आज आगरा में भारी पुलिस बल तैनात है।

इस बीच यदि कोई पुलिस वाला शहीद हो जाता है तो उसका धर्म पूछने वाला कोई नही होगा।

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