क्या क़ानून को गूंगा बहरा बनाने की कोशिश की जा रही है : उद्धव ठाकरे

क्या क़ानून को गूंगा बहरा बनाने की कोशिश की जा रही है : उद्धव ठाकरे

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सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के मीडिया के सामने आ कर अपनी बात कहने के बाद से भारत की राजनीती में भूंचाल आ गया है, कल ही से तरह तरह की प्रतक्रियें मीडिया और सोशल मीडिया पर आ रही हैं, जजों के प्रेस वार्ता के बाद सीधे तौर पर केंद्र सरकार और अदालतों में चल रही संत गांठ सामने आयी है जिसके बाद से ही राजनीती से जुड़े लोग भी अब अपनी बात कह रहे हैं साथ ही सरकार पर भी निशाना साध रहे हैं|

सुप्रीम कोर्ट जज विवाद को लेकर जारी सरगर्मियों के बीच शिवसेना की ओर से भी बयान जारी किया गया है। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे का कहना है कि क्या ये कोई षडयंत्र है और क्या कानून को गूंगा बहरा बनाने की कोशिश की जा रही है।

वहीं जस्टिस लोया की मौत के मामले पर शिवसेना ने कहा कि मामले की जांच होनी बेहद जरूरी है। उद्धव ने कहा कि जो भी शुक्रवार को हुआ वो हिला कर रख देने वाला है। हमें ये समझना चाहिए कि आखिर जजों को ये कदम उठाना ही क्यों पड़ा? लोकतंत्र के चारों स्तंभों को खड़ा रहना होगा अगर वे एक-दूसरे पर गिरने लगे तो ये बेहद खतरनाक होगा।

What happened y’day was very disturbing. Action can be initiated against the 4 SC judges but what is important is that we should try to understand why they took such a step. All 4 pillars of democracy shd stand independently,if they fall on each other,it will collapse:U Thackeray pic.twitter.com/GiRJ7iYzzt

— ANI (@ANI) January 13, 2018

बता दें कि न्यायपालिका में चल रही गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज नाराज चल रहे हैं। जजों ने इससे पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) से इस बारे में कई बार बातचीत भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकलने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने आने का फैसला लिया।

शुक्रवार को 4 जज प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस रंजन गोगई जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस चेलामेश्वर और जस्टिस मदन भीमराव मौजूद रहे। जजों ने कहा कि न्यायपालिका में कुछ महीनों से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और ऐसा रहा तो लोकतंत्र नहीं चल सकेगा।