जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर क़ानून के जानकारों की राय, जानिये!

जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर क़ानून के जानकारों की राय, जानिये!

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सलमान खुर्शीद : कूटनीतिक उत्तर देते हुए कहा ” तनाव को लेकर जजों को आज मीडिया को एड्रेस करना पड़ा ।” उज्ज्वल निकम : काला दिन ,, अब नागरिक सभी ज्यूडिशियल ऑर्डर को संदेह के तौर पर देखेगा।

केटीएस तुलसी : चौकाने वाली घटना । कोई ठोस वजह हो सकती है। जिसकी वजह से उन्हें इस तरह अपनी बात रखनी पड़ी।

रिटायर्ड जस्टिस मुकुल मुदगल : जब उनके पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता न बचा हो तभी वो सामने आये । लेकिन क्या जस्टिस लोया केस से इसका कनेक्शन है , मैं नहीं जानता ?

हंसराज भारद्वाज : पूर्व लॉ मिनिस्टर हंसराज भारद्वाज ने कहा, प्रतिष्ठा कम हुई। जब जनता का भरोसा खो दिया तो फिर क्या बचा? .

इंदिरा जयसिंह : ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस । जनता को यह जानने का हक कि ज्यूडिशियरी में क्या चल रहा है।

रिटायर्ड जस्टिस आरएस. सोढ़ी : चारों जजों के खिलाफ महाभियोग लाया जाना चाहिए । लोकतंत्र .बचाने के लिए हमारे पास संसद, कोर्ट और पुलिस सिस्टम है।

सुब्रमण्यम स्वामी : उनकी (जजों) की आलोचना नहीं करते। बड़े ईमानदार व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपनी लीगल करियर की भेंट चढ़ाई । प्रधानमंत्री देखें, साथ मिलकर काम करें ।

रिटायर्ड जस्टिस सोढ़ी के अलावा किसी क़ानून के ज्ञाता ने विरोध नहीं किया है ।