डेनमार्क : पीपल्स पार्टी के नेता ने मुसलमानों की दाढ़ी पर प्रतिबंध की मांग, लोगों ने ईसा मसीह की तस्वीरें की पोस्ट!

डेनमार्क : पीपल्स पार्टी के नेता ने मुसलमानों की दाढ़ी पर प्रतिबंध की मांग, लोगों ने ईसा मसीह की तस्वीरें की पोस्ट!

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डेनमार्क की पीपल्स पार्टी ने एक विवादास्पद मांग करते हुए कहा है कि लम्बी दाढ़ी रखने वाले मुसलमान डॉक्टरों को अस्पतालों में प्रैक्टिस की अनुमति नहीं जानी चाहिए।

डेनमार्क की पीपल्स पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हेनरिक थूरुप का कहना है लम्बी दाढ़ी का उद्देश्य स्पष्ट रूप से इस्लामी पहचान और विश्वास को ज़ाहिर करना है।

डेनिशन नेता की इस विवादास्पद टिप्पणी के बारे में सोशल मीडिया पर एक व्यापक बहस छिड़ गई है और स्वयं डेनमार्क के लोग इस पर कड़ी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

इस विवादास्पद प्रस्ताव को सही ठहराते हुए थोरुप ने कहा कि इस्लामी पहचानों में सबसे पहले लम्बी दाढ़ी पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

थोरुप का कहना था कि जब आप इस साइज़ की दाढ़ी रखते हैं तो निश्चित रूप से आप अपने धार्मिक विश्वासों को प्रकट करना चाहते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही जैसे कि एक महिला हिजाब पहनती है।

यूरोपीय देशों में हमेशा अभिव्यक्ति और धार्मिक आज़ादी की बात बड़े ही ज़ोर शोर से की जाती है, लेकिन नौबत जब इस्लाम और मुसलमानों की आती है तो यह समस्त सिद्धांत ताक़ पर रख दिए जाते हैं।

इस्लाम से लोग इतना अधिक भयभीत हैं कि व्यक्तिगत आज़ादी की वकालत करने वाले अब इस बात पर भी आपत्ति जताने लगे हैं कि लोगों को कैसा दिखना चाहिए और क्या खाना चाहिए।

थोरूप का कहना था कि वे (लम्बी दाढ़ी रखने वाले) केवल यह दिखाना चाहते हैं कि हम मुसलमान हैं। उन्होंने कहा कि केवल डॉक्टरों के लिए ही नहीं बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाले समस्त कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

लोग सोशल मीडिया पर थोरूप के इस विवादास्पद बयान के विरोध में ईसा महीस, सैंटा क्लाज़, हिप्पोक्रेट्स, प्लेटो और दूसरी मशहूर हस्तियों की तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं, जो लम्बी दाढ़ी रखते थे और इस्लाम से उनका कोई संबंध नहीं था।

डेनमार्क में रहने वाले सिखों ने भी पीपल्स पार्टी के नेता के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, इसलिए कि सिख मुसलमानों से कहीं अधिक संख्या में पूरी दाढ़ी रखते हैं।