दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में तीन आतंकी छुपे होने की सुचना के बाद हाई अलर्ट जारी, जानिये इन ‘अलर्ट’ के पीछे की कहानी!

दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में तीन आतंकी छुपे होने की सुचना के बाद हाई अलर्ट जारी, जानिये इन ‘अलर्ट’ के पीछे की कहानी!

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आप सभी को इस बात का अहसास होगा कि जब भी भारत में त्योहारों का मौसम आता है यहाँ पर कुछ अलर्टस होते हैं, अलर्टस जारी किये जाते हैं आतंकवादी घटनाओं से सचेत करने के लिए, सूत्रों के मुताबिक यह रूटीन प्रक्रिया के तहत जारी होते हैं और इन का न कोई आधार होता है न कहीं से इनपुट आदि मिला होता है, यह बिलकुल ऐसे होते हैं कि नींद से जागे और एक ‘ट्वीट’ कर डाला, बाकी का काम मीडिया कर देता है, मीडिया पर कई दिनों हफ़्तों तक फिर यह समाचार बड़ी खबर बना कर चलाये जाते हैं, समाज में नफरत और दहशत फैलाई जाती है, लाइब्रेरी में रखे हुए पुराने वीडियोस को जैसे जैसे ऊपर से निर्देश मिलते हैं दिखाना शुरू हो जाता है|

2013 में एक कश्मीरी अपने परिवार के साथ भारत आता है, उसे एजेंसीज और पुलिस गोरखपुर बॉर्डर पर गिरफ्तार करते हैं, समाचार चलाया जाता है कुख्यात आतंकवादी गोरखुर से गिरफ्तार, साथ ही एक समाचार और चलता है कि पुरानी दिल्ली के एक होटल में छापा मारा गया जहाँ से आतंकवादी फरार हो गए हैं लेकिन तलाशी में एक AK – 56 राइफल बरामद कर ली गयी है|

गोरखपुर से गिरफ्तार किये गए आतंकवादी के सम्बन्ध में उस कश्मीर के मुख्यमंत्री का ट्वीट आता है कि गिरफ्तार नहीं हुआ है बल्कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत सरेंडर किया है, उसके साथ उसके बच्चे भी थे, एक बच्चे की उम्र कोई 6 साल रही होगी, साथ में पत्नी भी थी, उमर अब्दुल्लाह के ट्वीट के बाद कहानी में ट्विस्ट आ गया था, दिल्ली के होटल से AK – 56 गन बरामद कर के दिल्ली पुलिस फँस गयी थी आज तक उस गन का खुलासा नहीं हुआ है कि वहान किस ने रखी थी और होटल से फरार होने वाले आतंकवादी कौन थे और वह कहाँ चले गए|

ठीक इसी तरह साल 2015 में अलर्ट जारी किया गया कि गुजरात के रस्ते से दर्ज़न भर आतंकी भारत में दाखिल हो चुके हैं, जो 26 जनवरी को किसी मंदिर अथवा परेड को निशाना बनाना चाहते हैं| यहाँ एक बात बहुत काम की है जब कभी भी इस तरह की चेतावनियां जारी की जाती हैं उनमे कोई एक मंदिर ज़रूर शामिल कर लिया जाता है कि उक्त मंदिर निशाने पर है, असल में यह समाज में नफरत फैलाने के टूल के तौर पर रखा जाता है|

ख़ुफ़िया विभाग ऐसे अलर्ट जारी कर अपनी कारवाही कर के पल्ला झाड़ लेता है मगर इस का असर समाज में कितना बुरा होता है यह समाज समझता है|

इस तरह से अलर्ट उस समय भी जारी होते हैं जब इशू को लेकर संकट में फँसी होती है, इस समय सरकार दलदल में फँसी हुई है, और आतंकवाद, हिन्दू मुस्लिम ऐसे इशू हैं जो हर समस्या से जनता का धयान बाँट देते हैं, इन के बाद न जजों की समस्या बाकी रहेगी न मध्यप्रदेश में अपने सिर मुंडवाने वाली शिक्षिकाओं की समस्या रहेगी, न लोग रोज़गार की बात करेंगे न ही महंगाई की, पेट्रोल की कीमतें और बढ़ जाएँ जनता को उस से फर्क नहीं पड़ेगा|

अब यह समाचार देखें यह ‘अमर उजाला’ से प्राप्त है और बिना संपादन के प्रकाशित किया है
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”दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में छिपे तीन आतंकी, हाई अलर्ट जारी”

नई दिल्ली। दिल्ली में तीन आतंकियों के होने की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। गणतंत्र दिवस की तैयारियों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

सुरक्षा एजेंसियों को दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली है। इनके फोन कॉल को इंटरसेप्ट किया गया है। ये सभी आतंकी जम्मु-कश्मीर के पुलवामा से फोन पर निर्देश ले रहे हैं।

फोन इंटरसेप्ट होते ही सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को दे दी है। राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस जामा मस्जिद इलाके की गहनता से जांच कर रही है। इलाके में पढ़ने वाले होटल-रेस्त्रां को भी खंगाला जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों ने जिन कॉल को इंटरसेप्ट किया है उसमें तीन संदिग्ध लोग जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से कुछ खास काम करने के लिए निर्देश प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि ये सभी बातचीत पस्तों भाषा में हो रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये सभी अफगानी हो सकते हैं जिन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षण दे कर दिल्ली में भेजा गया हो। बता दें कि दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस परेड को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। ऐसे में आतंकी गतिविधि की सूचन मिलते ही दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

इससे पहले बृहस्पतिवार को दिल्ली द्वारका फ्लाइओवर के नीचे एक ब्रीफकेस रख कर भाग रहे एक संदिग्ध को पकड़ा था। सेना ने उसको अपने कब्जे में ले कर दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुजरात पुलिस की एटीएस के साथ मिलकर दिल्ली एयरपोर्ट से आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के एक संदिग्ध को पकड़ा है। संदिग्ध को स्पेशल सेल के लोधी कॉलोनी स्थित कार्यालय ले जाया गया है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एमएम ओबरॉय का कहना है कि संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है। देर रात तक उसकी ठीक से पहचान नहीं हो पाई थी। संदिग्ध के पकड़े जाने के बाद दिल्ली में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है।

स्पेशल सेल के कुछ अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए संदिग्ध का नाम फिलहाल बिलाल अहमद काहवा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के समय वह दिल्ली से जम्मू-कश्मीर जा रहा था। संदिग्ध को वर्ष 2000 में लालकिले पर हुए आतंकी हमले का आरोपी बताया जा रहा है।