#देश_ख़तरे में हैं,,बोले यशवंत सिन्हा, ‘लोग डर की वजह से बोल नहीं पा रहे हैं’,’लोकतंत्र ख़तरे में है’

#देश_ख़तरे में हैं,,बोले यशवंत सिन्हा, ‘लोग डर की वजह से बोल नहीं पा रहे हैं’,’लोकतंत्र ख़तरे में है’

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भारत की राजनीती में बीते दिन से ही कोहराम मचा हुआ है, विवाद या कहें कि बवाल इतना बड़ा है जिसकी उम्मीद भी लगाना आसान काम नहीं है, अपने सहायकों, समर्थकों को बचने के लिए सर्वोच्य न्यायलय का इस्तेम सरकार कर रही है और इस काम में सहायता कर रहे हैं देश सबसे बड़े सब से उच्च पद पर आसीन सर्वोच्या न्यायलय के चीफ जस्टिस, विवाद अभी बस हालत सा सामने आया है, यह कैंसर की बीमारी का असली ‘फोड़ा’ तो बहुत ही विकराल, विशाल काय है, बहुत ही डरावना, बहुत ही घातक,,,देश खतरे में हैं जजों ने अपनी प्रेस वार्ता में ऐसे ही नहीं कहा है|

सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों द्वारा मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा के साथ मतभेदों पर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम जजों द्वारा उठाये गए सवालों पर विचार करें।उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि लोगों को बोलने से रोका जा रहा है।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर चार सीनियर जज पब्लिक में अपनी बात कह रहे हैं तो यह केवल सुप्रीम कोर्ट का मामला कैसे हो सकता है। यह गंभीर मामला है, जिन लोगों को देश के भविष्य और लोकतंत्र की चिंता है, उन्हें इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए। लोग डर की वजह से बोल नहीं पा रहे हैं।

यशवंत सिन्हा ने दुख जताते हुए कहा कि संसद में सत्र की अवधि कम होती जा रही है जिससे बहस और चर्चा नहीं हो पा रही। उन्होंने कहा कि हमने इस तरह के छोटी अवधि वाले संसद सत्र कभी नहीं देखे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में व्यवस्था नहीं है। लोकतंत्र खतरे में है। भारत में संसद कहां है?

जज विवाद पर खुलकर बोले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
वहीं बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि न्याय व्यवस्था को राजनीति में नहीं लाया जा सकता और जो मामले सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं उन्हें पब्लिक में चर्चा का विषय नहीं बनाना चाहिए। इस मामले पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण करके पॉलिटिकल माइलेज लेने की कोशिश कर रही है।