पाकिस्तान की तरफ़ से हुई फ़ायरिंग में एक भारतीय जवान की मौत!

पाकिस्तान की तरफ़ से हुई फ़ायरिंग में एक भारतीय जवान की मौत!

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नई दिल्ली।जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में शनिवार को एक जवान की मौत हो गयी। आर्मी स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से सुंदरबनी सेक्टर में भारतीय पोस्ट्स पर फायरिंग की गई। इसमें लांस नायक योगेश मुरलीधर भडाने (22) की गोली लगी। इसके बाद भारत ने एलओसी के उस तरफ से हो रही फायरिंग का करारा जवाब दिया। अर्निया सेक्टर में एक घुसपैठिए को भी मार गिराया। बीते दिनों पाकिस्तान ने BSF के हेड कॉन्स्टेबल को निशाना बनाकर गोली मारी थी।

इस साल फायरिंग में कितने जवान शहीद हुए?

– PAK के सीजफायर वॉयलेशन में आर्मी के 6 अफसर और जवान मारे गए हैं। इनमें से 3 जनवरी को बीएसएफ कॉन्स्टेबल आरपी हाजरा शहीद हुए और इसी दिन उनका जन्मदिन था।

सीजफायर वॉयलेशन में 4 गुना इजाफा
– भारतीय सेना को बीते साल सीजफायर वॉयलेशन और टेररिस्ट एक्टिविटीज की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
– आर्मी के स्पोक्सपर्सन कर्नल अमन आनंद ने कहा कि भारत इससे असरदार तरीके से निपट रही है।
– अफसर के मुताबिक, 2017 में पाकिस्तानी सेना ने 860 बार सीजफायर वॉयलेशन किया। 2016 में उसने 221 बार वॉयलेशन किया था।

2017 में कुल 210 आतंकी मारे गए
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सिक्युरिटी फोर्सेस ने जम्मू-कश्मीर में कुल 210 आतंकियों को मार गिराया। इनमें से 72 एलओसी और 148 कश्मीर के अंदरुनी इलाकों में मारे गए।

2017 में भारत के कितने जवान शहीद हुए?
– 2017 में एयरफोर्स के 3 गरुड़ कमांडो समेत भारतीय सेना के कुल 61 जवान शहीद हुए। इनमें से 30 ने आतंकियों से लड़ते हुए शहादत हासिल की। 14 जवान पाकिस्तान के सीजफायर वॉयलेशन और 17 को आतंकी घुसपैठ को नाकाम करते वक्त जान गंवानी पड़ी।

कश्मीर से 91 आतंकी पकड़े गए
– केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने पिछले दिनों लोकसभा में बताया कि इस साल 14 दिसंबर तक जम्मू-कश्मीर में कुल 337 आतंकी घटनाएं हुईं। इनमें कुल 318 लोगों की मौत हुई।
– इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के कुल 75 जवान शहीद हुए, जबकि आतंकी हमले के दौरान 40 आम नागरिकों की भी जान गई। 91 आतंकियों को घाटी से पकड़ा गया।
2017 में एक बार सिक्युरिटी फोर्सेस पर हमला हुआ
– होम मिनिस्ट्री के मुताबिक, इस साल 10 दिसंबर तक सिक्युरिटी फोर्सेस के सिर्फ एक काफिले पर हमला हुआ। दूसरी ओर, 2014 और 2015 में 2-2 जबकि 2016 में 6 बार आतंकियों/माओवादियों ने सिक्युरिटी फोर्सेस को निशाना बनाकर हमले किए थे।