‘सजे-धजे सेना के अफ़सर अपना काम करें, शिक्षा पर ज्ञान न दें : जम्मू-कश्मीर सरकार की बिपिन रावत को सलाह

‘सजे-धजे सेना के अफ़सर अपना काम करें, शिक्षा पर ज्ञान न दें : जम्मू-कश्मीर सरकार की बिपिन रावत को सलाह

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जम्मू कश्मीर राज्य में सेना की उपस्थिति और कार्यशैली को लेकर सरकार और सेना में कई बार अनबन सामने आती रही है, सेना की आतंकवादी कार्रवाहियों पर भी वहां के नेता अपनी प्रतक्रिया देते रहे हैं, अभी हाल ही में सत्ताधारी PDP के एक विधायक ने घाटी में सेना के हाथों मरने वाले आतंकवादियों की मौत को शहादत कहा साथ ही उनकी मौत पर अफ़सोस जतय था, यहाँ बीजेपी और पीडीपी मिल कर सरकार चला रहे हैं|

जम्मू-कश्मीर भारत के खूबसूरत राज्यों में शीर्ष पर आता है। लेकिन इसकी खूबसूरती के साथ विवादों का गहरा नाता है। वहां के हालातों पर कुछ लोग अपनी राय देते हैं, तो कुछ टिप्पणी करते हैं। हाल ही में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने जम्मू-कश्मीर की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, जिसे लेकर सरकार काफी नाराज नजर आ रही है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिपिन रावत को सलाह देते हुए कहा है कि, सजे-धजे ऑफिसर को उन मु्द्दों पर उपदेश नहीं देना चाहिए जो उनके दायरे में न आते हों। राज्य सरकार ने रावत के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने शिक्षा के द्वारा युवा को कट्टरपंथी और भटकाने की बात कही थी।

रावत के इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए राज्य शिक्षा मंत्री अल्ताफ बुखारी ने कहा कि मुझे उनकी व्यावसायिकता पर कोई शक नहीं लेकिन वो एक शिक्षाविद् नहीं। इसलिए उनका इस तरह की बयानबाजी करना सही नहीं है। हमें पता है हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था को कैसे चलाना है और उसके लिए हमें किसी ऐसे व्यक्ति की सलाह नहीं चाहिए जो शिक्षा क्षेत्र से ताल्लुक न रखता हो।

बुखारी ने आगे कहा कि, हम अपना काम कर रहे हैं और बेहतर होगा कि वो अपना काम करें। अगर वो अपने काम में ध्यान देंगे तो शायद देश में शांति और अमल का माहौल कायम होगा।

शुक्रवार को आर्मी डे के दौरान बिपिन रावत ने दो जम्मू-कश्मीर में दो झंडों के बारे में पढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें दो झंडों की जरूरत नहीं है। हम एक देश का हिस्सा हैं तो झंडा भी एक ही होना चाहिए। साथ ही रावत ने कहा कि हमें मदरसों और मस्जिदों पर पढ़ाई जाने वाली चीजों पर थोड़ा गौर करने की जरुरत है वर्ना प्रदेश के युवा भटक जाएंगे