क़ुरआन के वैज्ञानिक चमत्कार – औरतों के पर्दे में रहने के स्वाथ्य के फ़ायदे

क़ुरआन के वैज्ञानिक चमत्कार – औरतों के पर्दे में रहने के स्वाथ्य के फ़ायदे

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Sikander Kaymkhani
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(औरतों के पर्दे ( हिजाब) में रहने के स्वाथ्य के फायदे)
पार्ट -1
आधुनिक समय में हुये शोधों से यह पता चला है कि यदि शरीर का बहुत अधिक भाग नग्न रहे तो त्वचा के कैंसर की संभावना बढ जाती है, और त्वचा का कैंसर ऐसी बीमारी है जिससे लाखों मौते हर साल होती हैं, इसी के अनुसार यदि आगे देखा जाये तो पता चलता है कि जो औरतें अपने शरीर के समुंदर के किनारों पर सूरज में सेंकती हैं उनके भीतर यह त्वचा का कैंसर होने की संभावना अधिक है, ऐवं यह सत्यता अल्लाह की कृपा से प्रदर्शित होती कि उसने कुरान के द्वारा मानव को बताया कि
सूरह अन नूर पाठ संख्या की आयत संख्या 31 के अनुसार
(31) और मोमिन (आस्थावान) महिलाओं से कहो कि वह अपनी निगाहें नीची रखें और अपने गुप्तागों की रक्षा करंे और अपने सौन्दर्य को प्रकट न करें, अतिरिक्त उसके जो सामान्यत प्रकट हो जाये। ……..
पर्दे के विषय में कुरान की एक और आयत में इस प्रकार आदेश हैं,…..
कुरान की सूरह अल अहज़ाब पाठ संख्या 33 की आयत संख्या 59 के अनुसार
(59) ऐ सन्देष्टा, अपनी पत्नियों से कहो और अपनी बेटियों से और मुसलमानों की महिलाओं से कि नीचे कर लिया करें अपने ऊपर थोड़ी सी अपनी चादरें, इससे शीघ्र पहिचान हो जायेगी तो वह सतायी न जायेंगी। और अल्लाह क्षमा करने वाला, दयावान है।
जो स्त्रियां अपने शरीर का प्रदर्शन करती है उनको दो प्रकार से पीडा पहुंचती है
1- मनोवैज्ञानिक पीडा:
यह पीडा बलात्कार और पुरूष द्वारा नारी को घूरने के रूप में होती है, स्त्रियों द्वारा अधनंगे शरीर लेकर घूमने का कल्चर जिन देशों में है उनमें स्त्रियों को सडक पर छेडना, अजनबी अथवा जानने वाले पुरूष द्वारा अपहरण और हिंसा करना अत्यधिक होने वाली घटना है, इसका एक और रूप कम कपडे पहने कर चलती हुई लडकियों को भद्दे नामों से पुकारना भी सम्मिलित है,
2- शारीरिक पीडा:
अरब के गर्म मरूस्थल मे जहां पवित्र कुरान की सूरह अल अहज़ाब पाठ संख्या ३३ की आयत ५९ का अवतरण हुआ , वह औरतें जो कुरान की इस आयत का अनुसरण नहीं करेंगी , विभिन्न प्रकार की शारीरिक कष्ट उठायेंगे, इस विषय के अन्य भागों में हम इसका विस्तार पूर्वक अध्धयन करेंगे, इंशाअल्लाह

पार्ट -2
केवल औरतों को पूरा शरीर ढका रखने का आदेश क्यों?
वैज्ञानिक प्रमाण:
नीचे दिये गये तथ्य अधिकारिक स्रोत हैं ऐवं प्रमाण हैं कि जो औरतें अपने शरीर को पूरा ढकती हैं उन्हे निश्चित ही कई प्रकार के स्वाथ्य के लाभ होते हैं,
त्वचा के कैंसर से संबंधित तथ्य
अमेरिका में इस समय त्वचा का कैंसर मुख्य रोगों में से है, हर 20 लाख लोगों में से 3.5 लाख लोगों हर वर्ष यह रोग हो रहा है, हर वर्ष त्वचा के कैंसर के रोगी सामने आ रहे हैं जिनमें छाती के कैंसर, पौरूष ग्रंथियों के कैंसर, फेफडों के कैंसर और आंतों के कैंसर के रोगी भी सम्मिलित हैं,
अध्धयनों से यह भी पता चलता है कि स्त्रियों में संवेदनशीलता का स्तर पुरूषों से अधिक होता है,
पुस्तक ScienceDaily के २५ अकतूबर २००५ के संस्करण के अनुसार , सामान्यती यही विश्वास किया जाता है कि स्त्रियां अधिक संवेदनशील होती हैं, एक अन्य नये अध्धयन में बताया गया है कि औरतें दर्द के प्रति अधिक संवेदन शील होती हैं, एक रिपोर्ट के अनुसार जो Plastic and Reconstructive Surgery®, the official medical journal of the American Society of Plastic Surgeons (ASPS), के अक्तूबर 2005 के अंक में छपी थी, में लिखा है कि औरतों की त्वचा में दर्द को पकडने वाले pain receptor अधिक संख्या में होते हैं, जो उन्हे पुरूषों की अपेक्षा अधिक दर्द की आभास कराते हैं,
अध्धयन के अनुसार स्त्रियों में प्रति वर्ग सेंटीमीटर 34
nerve fibers होतो हैं जबकि पुरूषों में यह घनत्व केवल 17 nerve fibers प्रति वर्ग सेंटीमीटर होता है,
हालांकि पुरूष मनोवैज्ञानिक तौर पर भी पुरूषों से अधिक संवेदना सहने की अपेक्षा होती है परंतु इन खोजों से पता चलता है कि प्राकृतिक तौर पर भी पुरूष अधिक दृढ भी होते हैं,
Melanoma( त्वचा कैंसर) स्त्रियों को पुरूषों की अपेक्षा अधिक प्रभावित करता है,
एक अध्धयन जो 562 पुरूषों और स्त्रियों पर किया गया और जो Archives of Dermatology नामक मैगजीन में छपा, जिसके अनुसार पोलैंड के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया कि Melanoma रोग से जीवन बच जाने वाले रोगियों का स्वाथ्य किस प्रकार रहता है, इस विषय से संबधित बहुत से प्रश्न पूंछे गये जिसमें कैंसर के प्रभाव के स्तर संबंधित प्रश्न भी थे, जिससे इस रोग से पीडित रोगियों के जीवन संबंधित जानकारियां मिलीं, और यह निश्चित हुआ कि Melanoma रोग का प्रभाव ( दोनो प्रकार का पोज़ीटिव भी और निगेटिव भी) स्त्रियों पर पुरूषों की तुलना में अधिक होता है,
इस परिपेक्ष में फिर से कुरान की निम्नलिखित आयत का अध्धयन करें
कुरान की सूरह अल अहज़ाब पाठ संख्या 33 की आयत संख्या 59 के अनुसार
(59) ऐ सन्देष्टा, अपनी पत्नियों से कहो और अपनी बेटियों से और मुसलमानों की महिलाओं से कि नीचे कर लिया करें अपने ऊपर थोड़ी सी अपनी चादरें, इससे शीघ्र पहिचान हो जायेगी तो वह सतायी न जायेंगी। और अल्लाह क्षमा करने वाला, दयावान है।

पार्ट -3
केवल औरतों को पूरा शरीर ढका रखने का आदेश क्यों?
वैज्ञानिक प्रमाण:
स्त्रियों की त्वचा दर्द के प्रति अधिक संवेदनशील होती है:
American Society of Plastic Surgeons के skद्वारा छापी गई अक्तूबर 2005 के संस्करण के अनुसार स्त्रियों की त्वचा दर्द के प्रति अधिक संवेदनशील होती है, अध्धयन से पता चलता है कि औरतों की त्वचा में पुरूषों की अपेक्षा अधिक दर्द अनुभव करने वाले
nerve receptors. होते है
औरतों के अंदर प्रति वर्ग सेंटी मीटर 34 nerve receptors होते है , जबकि पुरूषों में यह अनुपात
17 nerve receptors. प्रति वर्ग सेंटी मीटर होता है
हालांकि मर्द से मनोवाज्ञानिक तौर पर ही दर्द को बर्दाश्त करने में अधिक क्षमता की अपेक्षा की जाती है, इन खोजों से पता चलता है कि औरतों में दर्द सहने की क्षमता की सीमा निम्न स्तर पर होती है और शारीरिक होती है, खोजकर्ताओं का मानना है कि इन अध्धयनों के बाद औरतों का सर्जरी के आपरेशन के बाद उपचार करने में सुविधा होगी,
पढें पवित्र कुरान की यह आयत
कुरान की सूरह हा मीम सजदा पाठ संख्या 41 की आयत संख्या 53 में अंकित है कि
(53) शीघ्र ही हम उनको अपनी निशानियाँ दिखायेंगे क्षितिजों में भी और स्वयं उनके अन्दर भी। यहाँ तक कि उनपर प्रकट हो जायेगा कि यह क़ुरआन सत्य है। और क्या यह बात पर्याप्त नहीं कि तेरा पालनहार हर चीज़ का गवाह है।
निष्कर्ष :
पुन: पवित्र कुरान के अध्धयन में हम पाते हैं कि अनगिनत वैज्ञानिक सत्यताऐं हैं, निश्चित ही यह अल्लाह के शब्द हैं, जिसमें अल्लाह यह बताता है कि किस प्रकार उसने सृष्टी का सृजन किया, इन सब वैज्ञानिक तथ्यों ऐवं कथनों में सबसे अचरज वाली बात है कि जो भी लिखित किया गया है वह पूर्ण रूप से आधुनिक प्रतिष्ठित विज्ञान के अनूरूप बैठता है,
निसंदेह अल्लाह ने कुरान को एक अमर चमत्कार के रूप में प्यारे नबी मुहम्मद सल्ल पर अवतरित किया, और कुरान के द्वारा नबी सल्ल. की नबूवत को प्रमाणित किया, और निश्चित ही 1400 वर्ष के समयअंतराल ने कुरान की विश्वसनीयता को और प्रबल किया, कुरान में की गई घोषणाऐं और कुरान की चमत्कारिक भाषा पढने वालों को हर समय अचंभित करती है,और कुरान आधुनिक समय में होने वाले वैज्ञानिक शोधों से भी प्रमाणित होता है जो असंभव है कि कुरान के अवतरण के समय किसी को भी ज्ञात हों सिवाय अल्लाह के,
महान अल्लाह ने कुरान में औरतों को शरीर ढकने का निर्देश दे कर उससे होने वाले लाभों से परिचित कराया है, विशेषत: जब कुरान की यह पंक्तियां अरब के मरूस्थल में अवतरित हुई हों,तो पता चलता है किस प्रकार यह आदेश अनिवार्य और लाभकारी हो जाता है,
और आज के विज्ञान से यह प्रमाणित होता है कि औरतों की त्वचा सूरज की पराबैगनी(ultraviolet) किरणों के कारण पुरूषों की तुलना में अधिकता से कैंसर ग्रस्त हो सकता है,आज का विज्ञान यह प्रमाणित कर रहा है कि औरतों की त्वचा,पुरूषों की तुलना में दर्द के प्रति अधिक संवेदनशील होती है , इस कारण औरतों की त्वचा में दर्द और उसमें टूट फूट होने की अधिक संभावना है,
निश्चित ही सारी प्रशंसाऐं केवल अल्लाह के लिये हैं, जिसने मानव जाति को कुरान जैसा कालजयी चमत्कार दिखाया, जो उसके ईश्वरीय चमत्कारों में से एक चमत्कार है, और हमारी प्रार्थना है कि अल्लाह हमारे नबी पर भी अपनी कृपा दृष्टी रखे जो पूरी मानव जाति के लिये एक आदर्श हैं, अमिन