अमरीका : इंशाअल्लाह बोलने की वजह से यात्री ख़ैरुद्दीन मख़ज़ूमी को विमान से उतारा!

अमरीका : इंशाअल्लाह बोलने की वजह से यात्री ख़ैरुद्दीन मख़ज़ूमी को विमान से उतारा!

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इराक़ी मूल के एक अमरीकी नागरिक साउथ वेस्ट एयरलाइन ने सिर्फ इस लिए विमान से उतार दिया क्योंकि वह अरबी में बात कर रहा था।

ख़ैरुद्दीन मख़ज़ूमी ने एयरलाइन के खिलाफ मुक़द्दमा दायर कर दिया है।

उन्होंने अदालत को बताया है कि कैलीफोर्निया जाते समय उन्हें विमान से सिर्फ इस लिए उतार दिया गया क्योंकि वह अरबी बोल रहे थे। दर अस्ल उनके पास बैठे यात्री को ” इंशाअल्लाह” से डर लग गया था।

” इंशाअल्लाह” का अर्थ होता है यदि ईश्वर ने चाहा और मुसलमान आम तौर पर भविष्य में होने वाले कामों के बारे में इसका प्रयोग करते हैं।

ख़ैरुद्दीन मख़ज़ूमी सैन फ्रांसिस्को में अदालत को बताया कि जब वह अरबी बोल रहे तो एक यात्री ने अरबी सुन कर घबराहट की शिकायत की जिसके बाद उन्हें विमान से उतार दिया गया।

ख़ैरुद्दीन मख़ज़ूमी ने बताया कि वह विमान में अपनी सीट पर बैठने के बाद फोन पर अपने चाचा से एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व महासचिव बान की मून के साथ डिनर के विषय पर बात कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा अधिकारियों ने और एफबीआई के अफसरों ने कुछ घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया लेकिन एयर लाइन ने उन्हें दोबारा टिकट देने से इन्कार कर दिया और उनके टिकट के पैसे उन्हें वापस कर दिये जिसके बाद उन्हें अपने घर वापस जाने के लिए डेल्टा एयरलाइन्स से टिकट लेना पड़ा।

मख़ज़ूमी ने अदालत को बताया है कि साउथ वेस्ट एयर लाइन इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देती है और उसे यह जानना चाहिए कि किसी को केवल अरबी भाषा बोलने की वजह से विमान से उतारना सही नहीं है।