अरुण मारवाह के बाद भारतीय सेना का एक और अधिकारी निकला ISI का एजेंट, पूछताछ जारी

अरुण मारवाह के बाद भारतीय सेना का एक और अधिकारी निकला ISI का एजेंट, पूछताछ जारी

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पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले कितने लोग हैं कोई नहीं जनता, पर भारत में ISI ने अपना जाल बिछा रखा है इसमें शामिल उनके एजेंट भारत की सुरक्षा से जुडी जानकारियां पाकिस्तान को भेजते हैं और बदले में मोती रकम वसूलते हैं, विगत वर्ष मध्यप्रदेश और राजिस्थान में पकडे गए एक दर्ज़न ISI एजेंटों के खुलासे ने सब के कान खड़े कर दिए हैं, मध्यप्रदेश में ISI का एजेंट धुरुव सक्सेना और उसके साथी आरएसएस के कार्यकर्ता हैं, धुरुव सैक्सेना की तस्वीरें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ मंच पर वायरल हुईं थीं, अभी हाल ही में सेना का एक अधिकारी अरुण मारवाह को पकड़ा गया है वह ISI को भारत की गुप्त जानकारी भेजता था|

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनी ट्रैप में सेना के एक और अफसर के फंसने का मामला सामने आया है। इस मामले में जबलपुर में पदस्थ एक लेफ्टिनेंट कर्नल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बैंक खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर होने के बाद से ही यह अधिकारी सेना की इंटेलीजेंस विंग के रडार पर था।

सूत्रों के अनुसार, यह मामला जबलपुर स्थित 506 आर्मी बेस वर्कशॉप का है। लखनऊ कमांड हेडक्वार्टर के इंटेलीजेंस ब्यूरो को खबर मिली थी कि हनी ट्रैप में फंसे लेफ्टिनेंट कर्नल के खाते में एक बड़ी रकम जमा की गई है।

खुफिया जांच के बाद उनके जबलपुर दफ्तर में छापा मारकर कंप्यूटर और कुछ फाइलें जब्त की गईं। सूत्रों के अनुसार, जिस खाते से अफसर के बैंक खाते में रकम जमा की गई, वह संदिग्ध है। आरोपी अफसर को मध्य भारत एरिया आर्मी हेड क्वार्टर ले जाकर पूछताछ की गई है।

सूत्रों के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल ने कुछ गोपनीय दस्तावेज लीक किए हैं। इन दस्तावेज को नेट पर डालने के बाद ही उनकी गतिविधियों पर नजर गई। करीब 12 घंटे तक सैन्य अफसरों ने जबलपुर आर्मी बेस वर्कशॉप में छानबीन की। वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह के हनी ट्रैप में फंसने के बाद हाल का यह दूसरा मामला है।