इसकी कोई गारंटी नहीं है कि बजट की घोषणाएं पूरी होंगी : वसुंधरा राजे, देखे वीडियो

इसकी कोई गारंटी नहीं है कि बजट की घोषणाएं पूरी होंगी : वसुंधरा राजे, देखे वीडियो

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जयपुर।नेताओं की बातों पर अगर कोई भरोसा कर ले तो ‘ठौर’ मारा जाये, ये लोग जो कुछ कहते हैं वह जनता को खुश करने के लिए होता है, राज कपूर की श्री 420 की तरह बेवकूफ बनाने के लिए कुछ भी बोल देते हैं, इनका कहा पूरा होगा नहीं होगा इनके सिवा कोई नहीं जनता है| नेता भी जानते, समझते हैं कि जनता का क्या है इस को तो हम जैसे चाहें वैसे काबू कर ही लेंगे, मंदिर है न इन के लिए, मंदिर – मस्जिद का मुद्दा गरमा कर उसमे उलझा देंगे, राजनीती में ‘जुमले’ ‘सपने’ बेचे जाते हैं और इस काम में बीजेपी के लोग माहिर खिलाडी साबित हुए हैं, मोदी ने ‘जुमले’ बेच कर सत्ता पायी, अब राजिस्थान में भी महारानी ने कह तो दिया पर मुकर भी गयीं हैं,,,,’जुमले’ बिकते रहेंगे, यह भारत है, 125 करोड़ का भारत जहाँ 80 करोड़ लोगों के पास आज भी शौचालय की सुविधा नहीं है और आरएसएस कहता है कि उसने अपने समाज के लिए बहुत काम किया है|

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए एक वायरल हो रहा वीडियो सिरदर्द बन गया है। सोमवार को विधानसभा में बजट पेश करने के बाद मुख्यमंत्री राजे ने प्रेसवार्ता बुलाई, इस दौरान एक पत्रकार द्वारा किए गए सवाल का जवाब ही सीएम राजे पर भारी पड़ गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

दरअसल सूबे की मुख्यमंत्री राजे से सोमवार को राजस्थान का बजट पेश करने के बाद पूछा गया था कि इसकी क्या गारंटी है कि जो उन्होंने घोषणाएं की हैं वो चुनाव आने तक पूरी कर ली जाएंगी, इसके जवाब में मुख्यमंत्री बोल पड़ी कि इसकी कोई गारंटी नहीं है।

हालांकि मुख्यमंत्री ने आगे जवाब दिया कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि चुनाव आने से ठीक एक महीने पहले तक इस बजट में जो भी घोषणाएं की गई हैं उन्हें पूरा किया जा सके।

गौरतलब है कि राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होंगे, जिसके मद्देनजर 6 महीने बाद आचार संहिता भी लग जाएगी। सरकार के सामने ये भी एक चुनौती रहेगी कि वो बजट में की गई घोषणाओं को समयबद्ध रहते पूरा कर लें नहीं तो विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर जनता के सामने रख सकता है।

इसके विपरित राजे सरकार का चुनाव से पहले ये अंतिम बजट था जिसके बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई। सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी का फैसला सोशल मीडिया पर काफी छाया रहा तो वहीं किसी ने इसे जुमलों का बजट करार दिया।

प्रॉपर्टी कारोबारियों ने भी इस बजट का स्वागत किया और डीएलसी रेट घटाए जाने के फैसले से काफी खुश नजर आए। क्योंकि नोटबंदी के बाद से ही प्रॉपर्टी का कारोबार काफी सुस्त पड़ा है।