एक ग़ैर मुस्लिम दादी अपने हिन्दू पोते को क़ुरआन की तालीम सिखाते हुए : देखें वीडियो

एक ग़ैर मुस्लिम दादी अपने हिन्दू पोते को क़ुरआन की तालीम सिखाते हुए : देखें वीडियो

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एक ग़ैर मुस्लिम दादी अपने हिन्दू पोते को क़ुरआन की तालीम सिखाती हुई, जो उन्होंने बचपन में सीखी थी, पोता भी दादी की सलाहियत कैमरे में क़ैद करने में लगा रहा…।

वाया – Tanveer Tyagi

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★★★#आखरी_वसीयत★★★

नबी ﷺ की आखिरी वसीयत, सभी मुसलमान खासकर शादीशुदा

दुनिया के हरेक मुसलमान के दिल में आखिरी पैगंबर हज़रत मुहम्मद ﷺसल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लिए जैसी जगह है, वैसी किसी के लिए नहीं है. खुदा के बाद मुसलमानों ने नबी ﷺ की बात मानी और उनके दिखाए-बताये रास्ते पर चलकर ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं. हज़रत मुहम्मद ﷺ का जन्म सन 570 ईसवी में मक्का शहर में हुआ था. उन्होंने दुनिया में इस्लाम फैलाया. वह इस्लाम के आखरी पैग़म्बर हैं जिन को अल्लाह ने फ़रिश्ते जिब्रईल द्वारा क़ुरआन का सन्देश’ दिया था.

आज हम आपको आखिरी नबीﷺ की वसीयत के बारे में बताने जा रहे हैं. बता दें कि नबी जब इस दुनिया से रुक्सत होने लगे तो आखिर में उन्होंने जो बात फरमाई. उसका ज़िक्र करते हुए आयशा आयशा रज़ी अल्लाह फरमाती हैं कि मैंने कान लगाकर सुना कि नबी फरमा रहे थे कि तौहीद पर जमे रहना. एक हदीस में नबी से फ़रमाया कि लोगों अपने मातहतों के साथ अच्छा सलूक करना. मैं क़यामत के दिन उनका वकील बन जाऊंगा. #अगर_तुमने उनके से ज्यादती की, ज़ुल्म किया और सख्ती की और उनका नाजायज़ फायदा उठाया तो मैं क़यामत के दिन उनका वकील बन जाऊंगा और तुमसे उनका हक दिला कर रहूँगा.

अब सोचिये कि जब अल्लाह के वकील उनके वकील बन जाएंगे तो हमें अल्लाह के नबी की शाफाहात कैसी नसीब होगी. इसलिए आज वक़्त है अपनी गलती को सुधरने का और अपनी गलती के लिए माफ़ी मांगने का. एक नसीहत है कि अगर बीवी समझती है कि मैंने शौहर के साथ ज्यादती की है तो आज वह भी अपने शौहर से माफ़ी मांग ले. और अगर शौहर को ऐसा लगता है तो वह बीवी से माफ़ी मांग ले
अल्लाह रबुल आलमीन हम सबको क़ुरआन ओर सुन्नत पर ज़िन्दगी गुजारने की तौफीक अता करे आमीन

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