#एक_हक़ीक़त : फ़रिस्ते भी उस पर लानत भेजते हैैं!

#एक_हक़ीक़त : फ़रिस्ते भी उस पर लानत भेजते हैैं!

Posted by

‎Sikander Kaymkhani‎
==================
एक गरीब लड़की की शादी हुई तब उसके दिल मे बात आई की इतनी जिन्दगी मैने परेशानी से गुजारी है पर बो वक्त कैसे भी बीत गया और अब नई जिन्दगी सुरू हो गई सायद अब सुख मिलेगा पर शौहर नाफरमान निकला जो बीबी को दूसरे लोगों की बातों मे आकर मारने पीटने लगा यानी उसको अपनी बीबी की बिलकुल कदर नही फिर उस लड़की ने इस इन्जार मे जिन्दगी गुजारी की औलाद से सुख मिलेगा जब उसका लड़का जबान हुआ बो लड़का तो उस बाप की ही औलाद था बो अपने बाप का भी बाप निकला बो जबान होते ही बाप के नक्शे कदम पर चलने लगा और माँ का नाफरमान बन गया फिर उसकी शादी हुई तो बो अपनी बीबी और ससुराल बालों और गैर लोगों के सामने अपनी माँ को जलील करने लगा जो ये भी भूल गया की उस माँ ने मुझे 9 महीने पेट मे रखा पाला पोसा है बो नेक शरीफ नमाजी माँ आज भी सबर और अल्लाह का सुकर अदा कर रही है और नमाज पड़कर अपनी औलाद के लिए बद्दुआ नही दुआ कर रही है की अल्लाह बेटे को हिदायत दे कहने का मतलब ये है की शादी से पहले या बाद ये याद रखो की कल यही वक्त तुम्हारे सामने होगा बीबी के हुकूक समझो और पूरे करो पर माँ बाप के भी हुकक मत भूलो क्योंकि अल्लाह ने तुम्हें भी औलाद दी है जैसा सुलूक तुम अपने माँ बाप के साथ करोगे तुम्हारी औलाद बही दोहराएगी और माँ बाप के नाफरमान का कोई भी नेक काम अल्लाह की बारगाह मे कुबूल नही और फरिस्ते भी उसपर लानत भेजते हैैं