ग़ज़्ज़ा में दवाओं की भारी कमी!

ग़ज़्ज़ा में दवाओं की भारी कमी!

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फ़िलिस्तीन की क़ानूनी संस्थाओं ने कहा है कि पिछले वर्ष ग़ज़्ज़ा पट्टी के 54 निवासी, ज़ायोनी शासन द्वारा बीमारों को बाहर भेजे जाने के विरोध के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठे।

फ़िलिस्तीनी इन्फ़ारमेशन सेन्टर की रिपोर्ट के अनुसार फ़िलिस्तीन की विभिन्न क़ानूनी और नागरिक संस्थाओं ने बल दिया है कि ज़ायोनी शासन ने वर्ष 2006 के बाद ग़ज़्ज़ा पट्टी से बीमारों को बाहर जाने के लिए जो लाइसेंस जारी किया है उनकी संख्या बहुत कम है।

फ़िलिस्तीन की इन संस्था का कहना है कि बीमारों के लिए ग़ज़्ज़ा से बाहर जाने के लिए लाइसेंस जारी न करना और रफ़ह पास का निरंतर बंद रहना, ग़ज़्ज़ा वासियों के दुख दर्द में वृद्धि का कारण बनता है।

इन फ़िलिस्तीनी संस्थाओं का कहना है कि ग़ज़्ज़ा से बाहर निकलकर इलाज कराने की अनुमति न मिलने के कारण दर्जनों बीमारों की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों की हालत ख़राब है।

ज्ञात रहे कि ज़ायोनी शासन ने वर्ष 2006 से ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्ट कर रखा है।