दिल्ली में हर तीन में से एक बच्चा कुपोषित है : सर्वे

दिल्ली में हर तीन में से एक बच्चा कुपोषित है : सर्वे

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जब भारत में 8 हज़ार अंग्रेज़ थे तब भारत की आबादी 33 करोड़ थी, पूरे देश ने अंग्रेज़ों से लड़ाई लड़ी थी, ऐसी भयानक जंग जो इतिहास में कभी नहीं हुई, आज भी पूरा देश देश की मुहब्बत में सूखा जा रहा है, जैसे किसी कुपोषण का शिकार बच्चे के हाथ पैर सूख जाते हैं, पूरे देश में जन जन को देश से प्रेम है और हर आदमी भारत माता की मुहब्बत, हिफाज़त में अपनी गर्दन कटवाने को तैयार बैठा है, हुकुम दिया जाये तो चीन का नमो निशान आज ही रात को मिटा डालेंगे|
देश की राजधानी को लेकर एक बड़ी सर्वे एजेंसी ने चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हर तीन में से एक बच्चा कुपोषित है. जिस नंदी फाउंडेशन एजेंसी ने यह सर्वे रिपोर्ट जारी किया है, उसके सदस्य तमाम युवा सांसद हैं, जिसमें प्रमुख रूप से सचिन पायलट, पूनम महाजन, डिंपल यादव और जय पांडा समेत अन्य शामिल हैं.

बुधवार को दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में यह रिपोर्ट जारी की गई. इसमें देश के 10 बड़े शहरों को शामिल किया गया, जिसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई आदि शामिल हैं. इसमें हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए. देश भर में इस एजेंसी ने रैंडम तरीके से लोगों के घरों में जा जाकर सर्वे किया है, जिससे पता चला कि भारत में जितनी तेजी से शहरीकरण हो रहा, उतनी ही तेजी से ग्रामीण भारत की ये बड़ी समस्या शहरों में भी फैल रही है.

अगर दिल्ली की बात करें, तो यहां की कुल जनसंख्या 1.63 करोड़ हैं. इसमें से 20 लाख बच्चे 0-6 साल उम्र के हैं. इन बच्चों में से 31 प्रतिशत शहर में रहने के बावजूद कुपोषित हैं. इसके अलावा तीन प्रतिशत बच्चे ओवर वेट के भी शिकार हैं. सर्वे के मुताबिक दिल्ली में 90 प्रतिशत लोगों के पास स्वच्छ जल की पहुंच है. दिल्ली में 41 प्रतिशत परिवार महज एक कमरे में गुजारा करते है. और 90 प्रतिशत लोगों के पास आधार कार्ड है.

सर्वे के आंकड़े जारी करने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद सांसदों ने इस स्थिति की वजह बताई. ज्यादातर सांसदों ने जन्म के बाद बच्चों की अच्छी परवरिश पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म के तुरंत बाद किस तरह से परवरिश करनी है, इसकी जानकारी मां को होनी चाहिए.

सांसद सचिन पायलट ने बताया कि सबसे पहली प्राथमिकता है कि हर मां शिक्षित हो. डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के दौरान की गई योजनाओं के बारे में जिक्र किया. साथ ही कहा कि इस मुद्दे पर भी राजनीति नहीं होनी चाहिए, तभी सारे दल इस पर बहस करेंगे.