बाबरी मस्जिद मामले में कोई समझौता नहीं होगा : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

बाबरी मस्जिद मामले में कोई समझौता नहीं होगा : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

Posted by

सलमान नदवी नाम के मुस्लिम धर्मगुरु ने पहले की है कि अयोध्या मसले का हल निकल आये, 2019 के चुनावों तक ऐसे और भी कई मौलाना सामने आ सकते हैं, संघ और बीजेपी के छुपे मित्र एक एक कर संघ के अजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए राम मंदिर के पक्ष में बयान भी देंगे और नए फार्मूले लेकर भी आते रहेंगे| आरएसएस ने मुस्लिम विचार मंच के ज़रिये मुस्लिम समाज के बेरोज़गार, हाशिये पर पड़े कुछ लोगों को काम पर लगा रखा है, मुमकिन हैं कि ऐसे लोगों को जेब और घर का खर्चा भी संघ की तरफ से दिया जाता हो|

अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद पर किसी भी समझौते से इंकार करते हुए अपने एक सदस्य के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है जिसमें अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण के समर्थन की बात कही गयी थी।

इस बोर्ड ने शुक्रवार की रात हैदराबाद में कार्यकारिणी की अहम बैठक के बाद कहा कि इस संदर्भ में उसके रुख़ में कोई बदलाव नहीं आया है।

बोर्ड ने अपने रुख़ को दोहराते हुए कहा कि किसी स्थान पर जब मस्जिद का निर्माण होता है तो वह क़यामत तक मस्जिद ही रहेगी। अखिल भारतीय मुस्मिल पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि मस्जिद के लिए दी गयी ज़मीन को न तो बेचा जा सकता है और न ही इसे उपमहार में दिया जा सकता है और न ही इसे छोड़ा जा सकता है। उक्त बोर्ड ने कहा कि बाबरी मस्जिद राम जन्म भूमि के मालेकाना हक़ का मामला इस समय अदालत के विचाराधीन है और बोर्ड का रुख़ यह है कि अदातल का जो भी फ़ैसला होगा वह उसे स्वीकार होगा। मौलाना उमरैन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस बैठक में उक्त बोर्ड के सदस्य मौलाना सलमान नदवी भी उपस्थित थे जिन्होंने बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक में अपने दिए गए प्रस्ताव पर स्पष्टीकरण दिया परंतु बताया जाता है कि बैठक में किसी ने उनके प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।

भारत के सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद राम जन्म भूमि मालेकाना हक़ के मामले की अंतिम सुनवायी चल रही है और अब अगली सुनवायी 14 मार्च को होगी।