भागवत ने संघ की शाखाओं में जो ‘सेना’ तैयार की है कहीं वह देश पर कब्ज़ा करने के लिए तो नहीं बनाई गयी है?

भागवत ने संघ की शाखाओं में जो ‘सेना’ तैयार की है कहीं वह देश पर कब्ज़ा करने के लिए तो नहीं बनाई गयी है?

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परवेज़ ख़ान
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बाबरी मस्जिद का केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है जहाँ ये तै होगा कि विवादित भूखंड पर किस पक्ष का मालिकाना हक़ है, मेरे पुरखे राजिस्थान जैसलमेर के रहने वाले गुज्जर भाटी थे, उनमे से मेरे पूर्वज मुस्लमान हुए थे,,,उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, ग्रेटर नोएडा, नोयडा, बुलंदशहर अन्य ज़िलों में भाटी मुसलमानों की बड़ी संख्या है,,,अयोध्या में 06 दिसंबर 1992 की सुबह के बाद तक 400 साल से भी ज़यादा पुरानी ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद मौजूद थी जिसे दुनियांभर ने अपनी आँखों से देखा था,,,अदालत में केस है और एक मौलाना संघ के एजेंडे पर काम करते हुए आसाराम, बाबा गुरमीत राम रहीम, बाबा भीमानंद जैसे एक धर्मगुरु के यहाँ पहुँचता है और बाबरी मस्जिद के सिलसिले से फार्मूला पेश कर देते हैं,,,

बाबरी मस्जिद को तोड़ने के आरोपी लोगों के खिलाफ भी मुकद्म्मा अदालत में चल रहा है,,,1988 में एक केस सामने आया था जब हिटलर के समय ‘गैस चैंम्बर’ में यहूदियों की हत्या करने के आरोप में एक 90 साल के पूर्व जर्मन सैनिक को फांसी की सज़ा दी गयी थी,,,उसका कसूर अदालत ने मान था उसे सज़ा दी थी,,,उस सैनिक ने किसी को भी नहीं मारा था, पर जिस समय ‘यहूदियों’ को गैस चैंम्बर में मारा गया था तब उसकी ड्यूटी वहां थी,,,अदालत ने माना कि ‘सैनिक की मौजूदगी से उसका दोष साबित होता है,,,बाबरी मस्जिद को गिराने वाले, गिराने के लिए ज़हरीले भाषण देकर भड़काने वाले सभी ज़िंदा हैं एक, दो को छोड़ कर,,,विवादित भूखंड का फैसला अदालत में होना है,,,06 दिसंबर 1992 तक मस्जिद थी,,,मेरे पूर्वज गुज्जर हिन्दू थे,,,धर्म परवर्तन हुआ हम आज गुज्जर मुस्लिम हैं,,,मस्जिद की जगह किसी को नहीं दी जा सकती है, मौलाना, मौलाना के जैसे और भी जो कोई हैं अपना ‘संघी फार्मूला’ अपने ही पास रखें,,,

बाबरी मस्जिद का मसला भारत के मुसलमानों की पहचान, इज़्ज़त और भविष्य से जुड़ा हुआ है, आरएसएस का हिन्दू राष्ट्र का सपना भारत की जड़ बुनियाद हिला देगा, संघ की शाखाओं में आतंककवादियों को ट्रनिंग दी जाती है, सुशील कुमार शिंदे पूर्व गृहमंत्री भारत का यह बयान था, गृहमंत्री भारत कोई दफ्तर का बाबू नहीं होता, मुंबई के पूर्व कमिश्नर एस.एम.मुशरिफ के कितने ही वीडियोस यूट्यूब पर उपलब्ध हैं, उनके मुताबिक मुंबई का आतंकवादी हमला संघ ने करवाया था, हेमंत करकरे की बरसी पर उनके कई वीडियो हैं, गृहमंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव ने अदालत में एफिडेविट देकर कहा था कि ‘संसद हमला और मुंबई’ हमला पूर्व सरकारों ने करवाए थे,,,

देश चलने वाली एजेंसियां, ख़ुफ़िया एजेंसियां आरएसएस की साज़िशों पर क्यों खामोश रही है? जनता को जैसे चाहो बहका दो, जब चाहो लड़ा दो, जब चाहो मारकाट करवा दो, जनता के सामने सच्चाई खुद सरकारें नहीं लाना चाहती हैं, बीजेपी का अपना एजेंडा है जो संघ का एजेंडा है,,,मगर समय रहते कांग्रेस पार्टी ने भी अच्छा नहीं किया था,,,,भागलपुर, मुरादाबाद, मेरठ, अहमदाबाद, सूरत, अलीगढ, मलियाना, 84 के सिखों के खिलाफ दंगे,,,2002 के गुजरात जैसे या उससे भी भयानक थे,,मलियाना में कई दर्ज़न मुसलमानों का क़त्ल हुआ, और सारे आरोपी बरी हो गए,,,जो लोग PAC की गोलियों से मारे गए थे, सब बच गए,,,

बाबरी मस्जिद थी और रहेगी, हम हैं जब तक लड़ते रहेंगे, जब हम नहीं रहेंगे तब भी लड़ने वाले होंगे,,, लगभग सभी संवैधानिक संस्थाओं पर संघ का कब्ज़ा हो चुका है इस का मतलब यह नहीं है कि उसके मनसूबे कामयाब हो जायेंगे, न ही मुल्क में मुसलमानों को डरना, घबराना चाहिए,,,बदलाव क़ुदरत का नियम है’,,,आज समय बदल चुका है, दुनियां अब पहले जैसी नहीं रही है,,,मुसलमानों के लिए सोशल मीडिया आज के समय में कुदरत का तोहफा है, जिस की कोई नहीं सुनता था आज वह अपनी बात दुनियांभर तक पहुंचा सकता है, मुसलमानों को सोशल मीडिया का सही से इस्तेमाल करना चाहिए, आरएसएस के खतरनाक मंसूबों से सभी वाकिफ हैं, देश को बचाने के लिए अब दलित,पिछड़े, आदिवसियों आगे आना पड़ेगा

संघ की शाखाओं में क्या सिखाया जाता है, बहस का मुद्दा नहीं है, सभी को मालूम है, देश संविधान से चलेगा, भागवत के कानून से नहीं, भागवत की सेना आज देश की सेना से भी अधिक अनुसाशित सेना बन चुकी है, जिनको ट्रनिंग दे कर तैयार किया गया है,,,किस काम के लिए?

आज भी देश की 80 करोड़ आबादी सुबह को लोटा लेकर खेत में बैठी होती है,,,संघ ने समाज और देश के लिए कब क्या किया है यह मुद्दे की बात नहीं है, संघ क्या करना चाहता है यह अहम् है और जो कुछ संघ चाहता है वह भारत की जनता नहीं होने देगी, भागवत ने संघ की शाखाओं में जो ‘सेना’ तैयार की है वह देश की हिफाज़त करने के लिए नहीं बनी है, भागवत की सेना देश पर कब्ज़ा करने के लिए बनयाई गयी है,,,2019 का चुनाव भारत में लोकतंत्र रहेगा या नहीं तै करने वाला साबित हो सकता है,,,राष्ट्रवाद की आंधी से देश को खतरा है, लोकतंत्र को बचाना होगा,,,बाबरी मस्जिद जहाँ थी वहीँ रहेगी,,,लोकतंत्र कानून से चलता है भागवत की सेना से नहीं,,,

परवेज़ ख़ान
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Ruby Arun
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मोहन भागवत का यह कहना कि भारतीय सेना को किसी युद्ध के लिए तैयार होने में 5-7 महिने लगेंगे पर RSS महज़ दो दिनों में तैयार हो जाएगा..
का मतलब क्या यह नहीं कि भागवत यह स्वीकार कर रहे हैं कि RSS के पास भारतीय सेना के मुकाबले, ज्यादा अत्याधुनिक हथियार और ट्रेंड जवान हैं.
#RSSInsultsArmy