रांची : शरद यादव और बाबूलाल मरांडी ने जेल में की लालू यादव से मुलाक़ात, बीजेपी के लिए ख़तरे की घंटी!

रांची : शरद यादव और बाबूलाल मरांडी ने जेल में की लालू यादव से मुलाक़ात, बीजेपी के लिए ख़तरे की घंटी!

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रांची। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी को घेरने के लिए विपक्ष की तरफ से लामबंदी तेज़ हो गयी है, आरएसएस के कट्टर विरोधी लालू प्रसाद यादव हालाँकि इस समय चारा घोटाले में मिली सज़ा के बाद जेल में हैं लेकिन उनका कद बहुत बड़ा है और बीजेपी के खिलाफ तैयार होने वाले मोर्चे में उनकी अहम् भूमिका रहेगी|

नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से निलंबित किए गए वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से जेल में मुलाकात की है। शरद और बाबूलाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार लालू से मिलने पहुंचे। जेल में लालू से मिलते ही शरद यादव ने उन्हें गले लगाया। जिसके बाद दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक मुलाकात चली। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मुद्दों पर भी संक्षिप्त चर्चा होने की संभावना जतायी जा रही है। इससे पहले शरद यादव ने बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर वार्ता की। शरद यादव ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि देश में लोकतंत्र और एकता खतरे में है। शरद ने कहा कि इससे पहले हमने संविधान बचाओ और साझा विरासत बचाओ कार्यक्रम किए हैं।

गौरतलब है कि बिहार में महागठबंधन तोड़कर भाजपा नीत एनडीए गठबंधन का हिस्सा बनने के फैसले के बाद से ही जेडीयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शरद यादव में अनबन शुरू हो गई थी। जिसके बाद शरद यादव ने बिहार के अलग अलग क्षेत्रों की कई चरणों में यात्रा की थी। उन्होंने पटना और दिल्ली में विरासत बचाओ कार्यक्रम किया था जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की थी।

नीतीश कुमार के भाजपा संग बिहार में सरकार बनाने के बाद और लालू यादव के परिवार द्वारा कोर्ट-कचहरी और जांच एजेंसियों का सामना करने के बाद लालू ने शरद यादव के प्रति सम्मान जताया था। लालू ने कहा था कि शरदजी पहले भी हमारे नेता रहे हैं और वह फिर से हमारा नेतृत्व करें।

अब जेल में लालू से इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के रिश्ते फिर बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। शरद यादव की पहचान एक बड़े समाजवादी नेता की है। वह वैकल्पिक गठजोड़ और समीकरण तैयार करने के लिए भारतीय राजनीति में जाने जाते हैं।

संकट से गुजर रहे राजद और उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसलिए शरद यादव से काफी उम्मीदें हैं। इस मुलाकात के बाद रांची में जेल के बाहर मौजूद राजद कार्यकर्ताओं ने भी उम्मीद जताई है कि शरद जी के आने से हमारे नेता और पार्टी को फायदा होगा।

उधर पटना में राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि शरद यादव पर जेडीयू की कार्रवाई का राजद और लालू प्रसाद यादव ने विरोध किया था। यही नहीं जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन बनाने के लिए जिस बीजेपी का विरोध किया था और गठबंधन तोड़कर उससे जा मिले, जिसका शरद यादव ने विरोध किया था। राजद ने शरद यादव का समर्थन किया था।