सलमान नदवी को चाहिए कि आस्था के साथ अपना चोला भी बदल लें

सलमान नदवी को चाहिए कि आस्था के साथ अपना चोला भी बदल लें

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Mohd Sharif

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कथित मौलाना सलमान नदवी कहते हैं कि इस्लाम में यह गुंजाइश है कि मस्जिद की जगह बदली जा सके लिहाज़ा वह कहते हैं कि इस जगह को छोड़ कर वह इस शर्त के साथ दूसरी जगह मस्जिद बनवाएंगे कि इस गुंजाइश का नाजायज़ फ़ायदा न उठाया जाए।
इन कथित मौलाना को अल्ल्लाह के रसूल स अ व का यह इरशाद भी मालूम होगा जिसमें फ़रमाया गया है कि, “मेरे लिये पूरी ज़मीन इबादत की जगह और तहारत हासिल करने का ज़रीया बनाई गई है।”
इस इरशाद के मुताबिक़ सारी ज़मीन इबादत की जगह अर्थात मस्जिद है और अल्लाह तआला क़ुरआन में फ़रमाता है कि मस्जिदों में अल्लाह के साथ किसी और की इबादत न करो। इसका मतलब यह हुआ कि पूरी ज़मीन पर अल्लाह के साथ किसी को भी न पुकारो या अल्लाह के अलावा किसी की भी इबादत न करो।
इस तरह अल्लाह तो पूरी ज़मीन पर से शिर्क को मिटाने का हुकुम देता है और उपरोक्त सलमान नदवी सिर्फ़ अल्लाह की इबादत के लिये बनाई गई मस्जिद में शिर्क करने के लिये उस जगह को मुशरिकों के हवाले करने की बात कह रहे हैं।
इन कथित मौलाना से मुसलमानों को अपील करनी चाहिए कि जिस बेबाकी से उन्होंने मस्जिद को अल्लाह की इबादत के बजाय मुशरिकों के हवाले करने की बात कह कर कुफ़्र किया है उसी बेबाकी से अब वह अपना चोला भी बदल लें ताकि उनका हुलिया देख कर लोग भ्रम में पड़ कर उनको मुसलमानों का नुमाइन्दा न समझ बैठें।