साहेब, फिर आप चुप ही रहिए, मन की बात भी मत किजिए…..!

साहेब, फिर आप चुप ही रहिए, मन की बात भी मत किजिए…..!

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Ruby Arun _ senior journalist
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साहेब, आप तो
अपने सत्ता सुख के लिए ना
अपनी मां से दूर रहते हैं…
जब जी चाहे,
आप अपनी माँ से
मिल भी लेते हैं..

पर हमारे सैनिक ,अपनी जननी का
पेट भरने के लिए दूर दराज़,
देश की सीमाओं पर अपनी सेवाएं देतेे हैं,
और भारत माँ के सम्मान की रक्षा में
शहीद होते हैं ..

उनकी मांओं की गोद तो
हमेशा के लिए सुनी हो जाती है….
बच्चे अनाथ और बीवीयाँ,बेवा हो जाती हैं

देश की खातिर शहीद होकर
सैनिक तो ज़मीन के नीचे दफ़न हो जाते हैं
पीछे परिवार वाले,उम्र भर
इनकी खातिर तड़पते रह जाते हैं…

वैसे तो आप इतना बोलते हैं..
बात बात पर बोलते हैं…..
गोल गोल गोल गोल,
पकौड़े जैसा बोलते हैं..

फिर, देश के स्वाभिमान और
देश के बेटों की हर रोज़,
जाती जान पर
आप चुप कैसे रहते हैं…. ?

कहाँ गई आपकी दहाड़
क्यों खामोश हो गई आपकी हुंकार….
फड़कती नहीं आपकी बाजुएं,
अब क्या….?
सीने में नहीं उठता 2014 के पहले सा
दर्द क्या…..?

आपने ही दिखाया था ना सपना
कि, अब नहीं होगा बेवज़ह कोई
शहीद अपना….
Occupied काश्मीर तो होगा ही
लाहौर भी हो जाएगा, अपना…

साहेब,
नहीं चाहिए लाहौर
रहने दीजिए ,हमारा कश्मीर ही हमारे पास
रोज शहीद हो रहे हैं जवान
बाँध कर आपसे, झूठी आस
नहीं चाहिए
अच्छे दिन और विकास….

बस इतना करम कर दीजिए
कि देशप्रेम और मातृभूमि के नाम पर
धोखा , देशवासियों को मत दीजिए ……
रहने दीजिए चैन और अमन से
भाई को भाई के
खिलाफ मत किजिए….

हौसला है अगर
तो पाकिस्तान से एकबार ही निपट लिजिए

वरना,कड़ी निन्दा कर-कर के
हर रोज, जवानों को मौत की नींद मत दीजिए..

गर ऐसे संजीदा मसलों पर
चुप ही रहना है तो
फिर आप ,चुप ही रहिए
मन की बात भी मत किजिए…..