★★★#इस्लाम_मे_शराब_हराम_क्यो है★★★जानिये!

★★★#इस्लाम_मे_शराब_हराम_क्यो है★★★जानिये!

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Sikander Kaymkhani
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शराब हमेशा से इंसानियत के लिए एक अभिशाप रही है. इसके पीने से अनगिनत लोगों की मौत होती रही है. इसका सेवन दुनिया के लाखों लोगों के लिए दुख और परेशानी का कारण बनता रहा है. शराब समाज को पेश आने वाली विभिन्न कठिनाइयों का बुनियादी सबब रही है. अपराधों की दर में जिस तरह दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है, लोगों के मानसिक रोगों की घटनाओं में इजाफा हो रहा है.

इन सब अपराधों के पीछे शराब का हाथ…
सवारी चलाते वक़्त दुर्घटनाएँ होती हैं और लाखों लोगों के पारिवारिक जीवन छिन्न-भिन्न हो रहे हैं, अनगिनत अपराध होते हैं, इन सबके पीछे शराब की ख़ामोश विध्वंसकारी शक्ति कार्य कर रही है.

1. पवित्र क़ुरआन में शराब का निषेध…
पवित्र क़ुरआन में निम्नलिखित आयत में शराब के निषेध का उल्लेख हुआ है. ‘ऐ ईमान लाने वालो! यह शराब और जुआ और देव-स्थान और पाँसे तो शैतानी काम हैं इसलिए तुम इनसे अलग रहो ताकि तुम कामयाब हो
يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِنَّمَا الْخَمْرُ وَالْمَيْسِرُ وَالْأَنصَابُ وَالْأَزْلَامُ رِجْسٌ مِّنْ عَمَلِ الشَّيْطَانِ فَاجْتَنِبُوهُ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ

.O ye who believe! Forbid not the good things which Allah hath made lawfulfor you, and transgress not, Lo! Allah loveth not transgressors.

(क़ुरआन, 5:90)

2. बाइबिल में शराब का निषेध…
बाइबिल में भी शराब के सेवन को हराम ठहराया गया है.
(i) ‘‘दाखमध ठट्टा करने वाला और मदिरा (शराब) हल्ला मचाने वाली है, जो कोई उसके कारण चूक करता है, वह बुद्धिमान नहीं।’’ (नीतिवचन, 20/1)
(ii) ‘‘शराब से मतवाले न बनो।’’ (इफ़सियो, 5/18)

3. शराब इंसान की समझने की शक्ति को नुक्सान पहुँचाती है…
इंसान के दिमाग में एक अवरोधक केन्द्र (Inhibitory centre) होता है. यह केन्द्र उसे ऐसे कामों से रोके रखता है जिन्हें वह ग़लत समझता है. जैसे-एक शख्स आम हालत में अपने माँ-बाप या बड़ों से बातचीत करते हुए गाली-गलौज नहीं करता, अपशब्द नहीं कहता. अगर वह लोगों के सामने शौच आदि करने का इरादा करता है तो उसका यह अवरोधक केन्द्र उसे ऐसा करने से रोकता है.

इसी लिए वह शख्स शौचालय का प्रयोग करता है. जब एक शख्स शराब का इस्तेमाल करता है तो उसका यह अवरोधक केन्द्र अवरोध की अपनी शक्ति खो देता है. यही वह मूल कारण है जिसकी वजह से शराब का आदी व्यक्ति अक्सर ऐसा व्यवहार कर बैठता है जो उसकी नियमित आदतों और गुणों से बिल्कुल मेल नहीं खाता.

शराब पीने वाला शख्स ढंग से नहीं परता ये काम…
जैसे-शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति को देखा जाता है कि वह अपने माँ-बाप से बात करते हुए उन्हें अत्यंत भद्दी और भौंडी गालियाँ बक रहा है. कुछ शराबी तो अपने कपड़ों में पेशाब तक कर लेते हैं. शराब पीने वाला न तो सही ढंग से बातचीत कर पाता है और न ही ठीक ढंग से चल ही पाता है.