PNB में 11,500 करोड़ रुपये का हुआ घोटाला : नीरव मोदी के पीछे कौन, धरे रह गए सरकारी दावे!

PNB में 11,500 करोड़ रुपये का हुआ घोटाला : नीरव मोदी के पीछे कौन, धरे रह गए सरकारी दावे!

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नई दिल्ली।भारत सरकार ने बैंक सुधार के बड़े लम्बे छोड़े दावे किये थे, सरकार के सारे दावे धरे रहे गए हैं और देश को हिला देने वाला 11500 करोड़ का घोटाला हो गया है, एक तरफ किसान, कारोबारी छोटे लोन पाने के लिए महिनों चक्कर लगते हैं वहीँ बड़े पूंजीपति, ऊँची पहुँच वालों को घर बैठे मोती से मोती रकम उपलब्ध करवा दी जाती है| सरकारी निययन्त्रण और भरष्टाचार की पोल खुल गयी है कि सरकारी एजेंसियां कितना नज़र रखती हैं और सरकार भरष्टाचार से कैसी लड़ाई लड़ रही है|

पंजाब नेशनल बैंक में 11,500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है. पीएनबी ने मुंबई की एक ब्रांच में जालसाजी पकड़ी जिसमें ब्रांच में गलत ट्रांजैक्शन पकड़ा गया. बैंक ने जांच एजेंसियों को जानकारी दी कि चुनिंदा अकाउंट होल्डर को फायदा पहुंचाया जा रहा था. पीएनबी ने बाम्बे स्टॉक ऐक्सचेंज को आज ये जानकारी दी जिसके बाद पीएनबी का शेयर 10 फीसदी तक गिर गया था. 280 करोड़ रुपये फर्जीवाड़े की रिपोर्ट पहले ही दर्ज हो चुकी है और फर्जीवाड़े का असर दूसरे बैंकों पर भी संभव है. पीएनबी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है लेकिन पीएनबी आकलन करेगा उसकी कितनी देनदारी बनती है.

इस मामले में अरबपति ज्वैलर नीरव मोदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है. नीरव मोदी की पत्नी और भाई पर भी 280 करोड़ रुपये फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज की गई है. पीएनबी ने इस मामले में सीबीआई से लुकआउट नोटिस जारी करने को कहा है.

आर्थिक मामलों के सचिव राजीव कुमार ने कहा है कि ये एक अलग केस है और इसका दूसरे लेनदारों पर असर नहीं देखे जाने की उम्मीद है. वित्त मंत्रालय ने इस बारे में आगे बढ़कर कदम लिया है और बैंक को इस मामले की रिपोर्ट सीबीआई और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) को करने को कहा है जिससे इसके खिलाफ पर्याप्त कदम उठाए जा सकें.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएनबी में हुई 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया है. यह मामला सीबीआई की एफआईआर के आधार पर दर्ज किया गया है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में दर्ज हुई सीबीआई एफआईआर के आधार पर यह मामला मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज हुआ है. ऐसा माना जा रहा है कि ईडी ने नीरव मोदी एवं अन्य के खिलाफ पीएनबी की शिकायत का भी संज्ञान लिया है.

नीरव मोदी और उसके साथियों ने अपनी तीन कंपनियों डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट और स्टैलर डायमंड के जरिए जाल बुना. इन तीनों कंपनियों के नाम पर इन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से कहा कि उन्हें हांगकांग से सामान मंगाना है. सामान मंगाने के लिए उन्होंने पीएनबी से एलओयू यानि लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करने की मांग की. उन्होंने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग हांगकांग में मौजूद इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक के नाम पर जारी करने की गुजारिश की

लेटर ऑफ अंटरटेकिंग का मतलब होता है कि जो सामान खरीदा जा रहा है उसके पैसे देने की गारंटी बैंक देता है. पीएनबी ने हांगकांग में मौजूद इलाहाबाद बैंक को 5 और एक्सिस बैंक को 3 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी किए. हांगकांग से करीब 280 करोड़ रूपए का सामान इंपोर्ट किया गया. 18 जनवरी को इन तीनों कंपनियों के लोग इम्पोर्ट दस्तावेजों के साथ पीएनबी की मुंबई ब्रांच में पहुंचे और पैसों का भुगतान करने को कहा.

बैंक अधिकारी ने कहा कि जितना भी पैसा विदेश में भेजना है उतना नकद जमा करना पड़ेगा. कंपनियों के अधिकारियों ने फिर लेटर ऑफ अंडरटेकिंग दिखाया और उसके आधार पर पेमेंट करने को कहा. बैंक ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि पीएनबी के रिकॉर्ड में कहीं भी जारी किए गए आठ लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का जिक्र नहीं था, मतलब बैंक में बिना पैसा गिरवी रखे लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करवाए. लिहाजा बैंक की तरफ से केस दर्ज किया गया, मामला सीबीआई में पहुंचा, जांच हुई तो पता चला कि सभी 8 लेटर ऑफ अंडरटेंकिंग फर्जी तरीके से जारी किए गए.

पीएनबी के डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने एक दूसरे कर्मचारी के साथ मिलकर लेटर जारी किए और इन्हें सिस्टम में कहीं नहीं दिखाया. हांगकांग में जिससे सामान इंपोर्ट किए गए हैं उनकी बैंक गारंटी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के आधार पर हांगकांग में मौजूद इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक ने ली थी. यानी अब इन 280 करोड़ रूपयों की देनदारी पीएनबी की हो गयी है

नीरव मोदी एक बड़ा हीरा कारोबारी है जिसे भारत का डायमंड किंग भी कहा जाता है. 48 साल के नीरव मोदी 2017 में दुनिया के सबसे रईस आदमियों की फोर्ब्स की लिस्ट में 84वें नंबर पर था. फोर्ब्स के मुताबिक नीरव मोदी की करीब 12 हजार करोड़ की संपत्ति का मालिक है. नीरव मोदी फायर स्टार डायमंड नाम से कंपनी चलाता है. उसने अपने ही नाम यानी नीरव मोदी डायमंड ब्रांड नेम से देश और दुनिया में ज्वैलरी शो रूम खोल रखे हैं. दिल्ली, मुंबई से लेकर लंदन, हांगकांग और न्यूयॉर्क तक में नीरव मोदी के 25 बड़े लग्जरी स्टोर हैं. नीरव मोदी ज्वैलरी की रेंज 10 लाख से 50 करोड़ तक है. बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा नीरव मोदी डायमंड की ब्रैंड एंबैसडर हैं. हॉलीवुड की अभिनेत्री केट विंसलेट और डकोटा जॉनसन जैसी हस्तियां उसके ग्राहकों में शामिल हैं. नीरव के पिता भी हीरा कारोबार से जुड़े रहे हैं, शुरूआत में नीरव पढ़ाई के लिए अमेरिका गया लेकिन फिर पढ़ाई छोड़कर भारत लौटा और अपना कारोबार शुरू किया.

122 साल पुराना पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा बड़ा राष्ट्रीय बैंक है. पंजाब नेशनल बैंक के कुल 10 करोड़ खाताधारक हैं. देश में पंजाब नेशनल बैंक की 6941 शाखाएं हैं. पंजाब नेशनल बैंक के 9753 एटीएम सेंटर हैं. सितंबर 2017 में बैंक की कुल डिपोजिट 6.36 लाख करोड़ रुपये है. सितंबर 2017 में बैंक का शुद्ध मुनाफा 904 करोड़ रुपये है और पंजाब नेशनल बैंक का कुल एनपीए 57630 करोड़ रुपये है. फरार कारोबारी विजय माल्या के पास बैंक का 815 करोड़ रुपये हैं. एसबीआई के बाद पीएनबी दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है.