2019 के लोकसभा चुनाव के लिए योगी ने बताये सोशल मीडिया इस्तेमाल के तरीके

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2019 का चुनाव ‘मोबाइल सैनिकों’ से जीतेगी भाजपा?, CM आदित्यनाथ ने बताए सोशल मीडिया इस्तेमाल के तरीके

सरकार ‘मोबाइल सैनिकों’ को मैदान में उतारने की तैयारी में है। सोशल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करते हुए भाजपा का परचम लहराने का प्रण कर लिया है। सोशल मीडिया के वॉर रूम में बैठा हर शख्स कम्प्यूटर स्क्रीन या मोबाइल पर नजर गढ़ाए बैठा रहता है कि कैसे विपक्ष के राजनीतिक दलों और उनके नेता को पटखनी दी जाए। अब यही फंडा यूपी के सीएम आदित्यनाथ ने चुनाव जीतने के लिए बेधड़क अपनाया है। यूपी के कानपुर में सोमवार को आदित्यनाथ ने पार्टी की युथ विंग को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव में जाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले चुके लोगों के साथ सेल्फी लें और इसे जमकर सोशल मीडिया पर शेयर करें।

युवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और सोशल मीडिया में फंसा है तो अब भाजपा ने इस आदत को ही अपना चुनावी हथियार बनाने का दांव खेला है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर में पार्टी की युथ विंग को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव में जाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले चुके लोगों के साथ सेल्फी लें और इसे जमकर सोशल मीडिया पर शेयर करें।

उन्होंने कहा कि पूरे राज्य से आए चार सौ से अधिक डेलीगेट्स को संदेश दिया कि पिछले लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति थी ‘एक बूथ-बीस यूथ’। अब 2019 में पार्टी का प्रदर्शन दोहराने के लिये सभी बूथों तक पहुंचे। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को जोड़े और उनके जीवन में आये बदलाव का वीडियो बनाएं, उनके साथ सेल्फी खिंचायें और सोशल मीडिया पर प्रचारित करें। सीएम ने कहा कि अगर राज्य के तीन करोड़ लाभार्थियों का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर छा गया तो अगले चुनाव में सारे विरोधी चित्त नजर आएंगे।

बता दें कि मध्य प्रदेश में भी करीब तीन करोड़ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें साधने में भाजपा लंबे वक्त से लगी हुई है। वहीं राजस्थान में भी हाल ही में सीएम वसुंधरा राजे सरकार की खूबी बताने के लिए प्रदेश में वाई-फाई, स्मार्टफोन बांट रही है।