#मानवाधिकार के उल्लंघन के लिए एम्नेस्टी इंटरनैश्नल ने की ‘चोर चरित्र के देश’ ब्रिटेन की आलोचना!

#मानवाधिकार के उल्लंघन के लिए एम्नेस्टी इंटरनैश्नल ने की ‘चोर चरित्र के देश’ ब्रिटेन की आलोचना!

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ग्रेट ब्रिटेन सहित यूरोप सभी देश वह देश हैं जिन्होंने दुनियांभर के अनेक देशों पर कई कई सदियों तक कब्ज़ा कर के जबरन उन्हें अपना ग़ुलाम बना कर रखा और वहां की धन सम्पदाओं को लुटा और अपने देश के ख़ज़ाने भरे, आज यही चोर चरित्र के देश दुनियां के मुकद्दम बने बैठे हैं, सच में तो इनकी काली करतूतों से इतिहास की किताबें भरी पड़ी हैं मगर अपनी उसी लूटी गयी जमा पूंजी के बल पर आज भी यह अपने सम्रज्य्वादी सिद्धांतों पर जी रहे हैं और बाकी देशों में अपने तरीकों से फसाद करवा कर वहां पैर जमाये हुए हैं साथ ही अपनी मनमानी आज भी करते आ रहे हैं|

यूरोप कजे चोर देश विश्व के छोटे और कमज़ोर देशों को आज भी दबा कर रखना चाहते हैं और अपनी काली करतूतों पर पर्दा डालना चाहते हैं, भारत की जनता भूल जाती है कि किस तरह अंग्रेज़ों ने भारत के साथ वयवाहर किया था|

एम्नेस्टी इंटरनैश्नल ने ब्रितानी नागरिकों, पलायनकर्ताओं और शरणार्थियों के अधिकारों के उल्लंघन तथा लंदन द्वारा रियाज़ को हथियारों की जारी आपूर्ति की आलोचना की है।

एम्नेस्टी इंटरनैश्नल ने अपनी सालाना रिपोर्ट में ब्रिटेन में महिलाओं से विशेष सेवा के ख़र्चों में कटौती के बुरे नतीजे तथा घरेलू हिंसा व दुर्व्यवहार पर चिंता जताते हुए ब्रितानी सरकार से योरोपीय परिषद के कन्वेन्शन को पारित करने की मांग जो महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा और घरेलू हिंसा से संघर्ष से संबंधित है।

एम्नेस्टी इंटरनैश्नल की रिपोर्ट दर्शाती है कि योरोपीय संघ से 2017 में ब्रिटेन के निकलने की बातचीत, मानवाधिकार की रक्षा के कार्यक्रम पर गंभीर ख़तरा मंडराने का कारण बनी है।

एम्नेस्टी इंटरनैश्नल ने इसी तरह कहा है कि यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब द्वारा थोपी गयी जंग में मानवाधिकार के उल्लंघन के बावजूद ब्रिटेन की सरकार, सऊदी शासन को हथियारों की आपूर्ति कर रही है।

Vivek

@VivekmMisra
सच तो यही था कि धर्म विशेष ने आजादी में योगदान सिर्फ इसलिए दिया कि ब्रिटेन ने तुर्की पे कब्जा कर रखा था जिसकी आजादी के लिए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया,उन्हें न भारत की आज़ादी से मतलब था न और न गांधी से। देखिये इससे जुड़ा एक प्रतिबंधित फ़िल्म का अंश।

साडडा हक़!!ऐत्थे रख़!!

@ShabadPrahar999
यह अफवाह कौन फैला रहा है कि प्रो. राकेश सिन्हा नरेश अग्रवाल के भाजपा में आने से बेहद नाराज हैं और वह भारत की नागरिकता त्यागकर ब्रिटेन के लिए उडान भर चुके हैं,अफवाह है कि वही ब्रिटिश-इंडों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना करेंगे और भाजपा को आईना दिखायेंगे,यह तो पक्की बकवास है।

🇮🇳राकेश शर्मा
@3roao111
देशवासियों जागो और जगाओ
देश बचाओ अभियान को अपनाओ
.
15th Aug 1947 को भारत का ब्रिटेन पर 16.62 करोड़ रुपये का कर्ज था,एक डॉलर की की कीमत 1rs थी,
आज डॉलर 65 के ऊपर और विदेशी कर्ज 60 अरब डॉलर के ऊपर,
भारत को दोनों हाथो से लूटते है राजनीतिक दल, पूंजीपतिओं के साथ मिलकर,

जय हिंद