किसानों की आत्महत्या, क़र्ज़ माफ़ी को लेकर कांग्रेस पूरे देश में छेड़ेगी आंदोलन, मंदसौर रैली को संबोधित करेंगे राहुल गाँधी!

किसानों की आत्महत्या, क़र्ज़ माफ़ी को लेकर कांग्रेस पूरे देश में छेड़ेगी आंदोलन, मंदसौर रैली को संबोधित करेंगे राहुल गाँधी!

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देशभर का किसान हाशिये पर है, सरकारों की मनमानी के कारण लाखों साल आत्महत्या करने को मजबूर हैं, खेतों में पैदा होने वाली फसल की लगात भी नहीं मिल रही है| किसानों का जीवन संकट में है, प्रदर्शन करते हैं मगर सरकारों के कान पर जूं तक नहीं रंगती है|

किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस पूरे देश में आंदोलन छेड़ने जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का मंदसौर दौरा यूं तो किसानों के दस दिन गांव बंद कार्यक्रम के पहले ही तय हो गया था लेकिन छह जून को किसान रैली से कांग्रेस इसे और व्यापक रूप देने जा रही है। कांग्रेस किसानों की समस्याओं को ब्लाक और पंचायतों तक उठाकर सरकार को घेरना चाहती है।

Rahul Gandhi

@RahulGandhi
हमारे देश में हर रोज़ 35 किसान आत्महत्या करते हैं। कृषि क्षेत्र पर छाए संकट की तरफ़ केंद्र सरकार का ध्यान ले जाने के लिए किसान भाई 10 दिनों का आंदोलन करने पर मजबूर हैं। हमारे अन्नदाताओं की हक की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के लिए 6 जून को मंदसौर में किसान रैली को संबोधित करूंगा।

राहुल गांधी ने मंदसौर में आयोजित किसान रैली में पहुंचने की जानकारी ट्वीट पर देते हुए लिखा है कि हमारे देश में हर रोज 35 किसान आत्महत्या करते हैं। केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए राहुल ने लिखा है कि कृषि क्षेत्र पर छाए संकट की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान ले जाने के लिए किसान भाई दस दिनों का आंदोलन करने पर मजबूर हैं।

राहुल गाँधी चार-पांच को विदेश से लौट रहे हैं उन्होंने लिखा है कि हमारे अन्नदाताओं की हक की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के लिए छह जून को मंदसौर में किसान रैली को संबोधित करूंगा। राहुल ने ट्वीट के साथ आंदोलनरत किसानों की फोटो भी अटैच की है। दरअसल कांग्रेस किसानों से मुद्दे पर लगातार बोलती जरूर रही है लेकिन अब पार्टी इस मुद्दे पर किसानों के साथ खड़ी होकर सरकार की मुश्किलें बढ़ाना चाहती है। किसानों की आत्महत्या, कर्ज माफी और सरकार की घोषणा के मुताबिक लागत का पचास फीसदी अधिक समर्थन मूल्यक दिलाने आदि को लेकर मोदी सरकार को घेरेगी।

कांग्रेस किसानों की आमदनी दोगुनी करने को लेकर मोदी सरकारी की समय सीमा 2022 पर भी निशाना साधना चाहती है। प्रवक्ता डॉ. अभिषेक मुन सिंघवी का कहना है कि चार सालों तक किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। अब जब लोकसभा चुनाव तक किसानों की एक या डेढ़ फसल होनी है तो सरकार समर्थन मूल्य को लागत का डेढ़ गुना देने की बात कह रही है। जबकि 2018 से अभी तक किसी भी फसल पर लागत का डेढ़ गुना नहीं दिया गया है।