#कोबरापोस्ट का सबसे बड़ा स्टिंग ऑपरेशन, भारत का फ़ासिस्ट, बिकाऊ मीडिया : देखें वीडियो

#कोबरापोस्ट का सबसे बड़ा स्टिंग ऑपरेशन, भारत का फ़ासिस्ट, बिकाऊ मीडिया : देखें वीडियो

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कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग ऑपरेशन ‘ऑपरेशन 136’ के दूसरे भाग में देश में जारी ख़बरों के कारोबार से पर्दा उठाकर लोगों को चौंका दिया है।

इस ऑपरेशन में छोटे बड़े क़रीब 2 दर्जन मीडिया समूहों के मालिकों और उच्च अधिकारियों को बेनक़ाब किया है, जिससे भारतीय लोकतंत्र का एक अहम स्तंभ ‘प्रेस की आज़ादी’ हिलकर रह गई है।

इसके बावजूद भारतीय न्यूज़ चैनलों और अख़बारों में इस ऑपरेशन से जुड़ी ख़बरें नदारद हैं, इसलिए कि किसमें इतना साहस है कि वह अपनी ही करतूतों को जनता के सामने पेश करे।

कोबरापोस्ट वेबसाइट के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया है कि देश के बड़े मीडिया समूहों में सत्तारूढ़ दल बीजेपी की ओर गहरा झुकाव है और वे करोड़ों रुपये लेकर टीवी पर फ़ेक न्यूज़ चलाते हैं, अख़बारों में छापते हैं, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ते हैं और बेजेपी के पक्ष में माहौल बनाते हैं।

कई प्रतिष्ठित भारतीय मीडिया संस्थान जैसे कि टाइम्स ऑफ़ इंडिया, इंडिया टूडे, हिंदुस्तान टाम्स, ज़ी न्यूज़, नेटवर्क 18, स्टार इंडिया, पेटीएम, भारत समाचार, एबीपी न्यूज़, दैनिक जागरण, लोकमत, एबीएन आंध्रा ज्योति, टीवी5, दिनामालर, के न्यूज़, इंडिया वॉयस, द न्यू इंडियन एक्प्रेस, एमवीटीवी और ओपेन मैगज़ीन इस स्टिंग ऑपरेशन में पैसे लेकर ख़बरें देने पर राज़ी हो गए।

इन मीडिया समूहों के मालिकों और उच्च अधिकारियों का कहना था कि अगर उन्हें सही क़ीमत मिलेगी तो वे इस अभियान में शामलि हो जायेंगे।

उनमें से तो कुछ ने अपनी क़ीमत ख़ुद लगाने में किसी हिचकिचाहट से काम नहीं लिया, जैसा कि टाइम्स ग्रूप के मालिक विनीत जैन ने अपनी क़ीमत 1,000 करोड़ रुपये लगाई।

द वायर हिंदी डॉट कॉम के मुताबिक़, टाइम्स ग्रुप के कर्मचारियों के बीच तो यह बात मशहूर है कि ‘हम ख़बरों के व्यवसाय में नहीं हैं। अख़बार का काम पाठकों तक विज्ञापन पहुंचाना है।’

जैन और उनकी दूसरी कॉरपोरेट कंपनियों में से एक को कैमरे के सामने भगवा चरमपंथ के एजेंडे को बढ़ाने के बदले में 500 करोड़ रुपये की मांग करते हुए देखा जा सकता है।

जैन और बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव शाह को कोबरापोस्ट के अंडरकवर रिपोर्टर पुष्प शर्मा से सौदेबाज़ी करते हुए देखा जा सकता है।

पुष्प शर्मा इस बातचीत में खुद को ‘आचार्य अटल’के तौर पर पेश करते हैं जो कि बेनाम संगठन के प्रतिनिधि बनकर आए हैं, लेकिन वे ये जताते हैं कि उनका संबंध नागपुर आधारित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से है।

संजीव शाह ने बातचीत के दौरान बताया कि कैसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जैन और उनकी मां के यहां आना जाना है।

शाह को इस वीडियो में ‘आचार्य अटल’पर जैन को प्रभावित करने के लिए रक़म बढ़ाने को लेकर दबाव बनाते हुए देखा जा सकता है।

मीडिया ग्रुप के द्वारा मार्च 2018 में 2,000 करोड़ रुपये का लाभ कमाने की बात करते हुए संजीव शाह कहते हैं, संगठन को कम से कम 1,000 करोड़ रुपये ख़र्च करने के बारे में विचार करना चाहिए, ताकि जैन से बात पक्की की जा सके। वे संगठन के हिंदुत्ववादी प्रोपैगंडे को सात से आठ करोड़ पाठकों तक हर रोज़ पहुंचाने का वादा करते हैं।

यहां ग़ौरतलब बात यह है कि जब कोबरापोस्ट के स्टिंग ऑप्रेशन में देश के प्रमुख मीडिया संस्थान बिकने को बेताब नज़र आए, वहीं पश्चिम बंगाल की बर्तमान पत्रिका और दैनिक संबाद अख़बारों ने कोबरापोस्ट की पेशकश यह कहते हुए ठुकरा दी कि इस तरह का कंटेंट प्रकाशित करना कंपनी पॉलिसी और संस्थान की आत्मा के ख़िलाफ़ है।

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