600 करोड़ का घोटालेबाज़ बीजेपी नेता जनार्दन रेड्डी अब भी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर

Posted by

कर्नाटक के खनन माफिया बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पोंजी घोटाले में नाम आने के बाद से वो फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश में पुलिस तीन दिन से लगातार छापेमारी कर रही है। गुरुवार को भी पुलिस की तीन विशेष टीमों ने हैदराबाद में कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन वो कहीं नहीं मिले।

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की शाम पुलिस की एक टीम को सूचना मिली थी कि रेड्डी हैदराबाद के बंजारा हिल्स के पास अपने किसी दोस्त के अपार्टमेंट में रूके हुए हैं, लेकिन जब पुलिस वहां पहुंची तो वो वहां नहीं थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जनार्दन रेड्डी लगातार पुलिस को चकमा दे रहे हैं। अब पुलिस की एक टीम को उनकी तलाश में तेलंगाना भेजा जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि उनके तीनों मोबाइल नंबर, जिनका वो इस्तेमाल करते हैं, बंद हैं। लेकिन रेड्डी ने अपना मोबाइल फोन बंद करने से पहले हैदराबाद और कर्नाटक सीमा पर कई जगहों पर कॉल किया था।

क्या है पूरा मामला?

जनार्दन रेड्डी पर आरोप है कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश की थी। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने 600 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में शामिल कंपनी ऐम्बिडेंट मार्केटिंग और उसके मालिक अहमद फरीद को ईडी की जांच से बचाने के लिए 18 करोड़ रुपये का सौदा किया था।
========

बीजेपी नेता जनार्दन रेड्डी 600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में फ़रार

कर्नाटक में चर्चित खनन कारोबारी और बीजेपी नेता जी जनार्दन रेड्डी 600 करोड़ रुपये के धो!खाध!ड़ी के मा!मले में पुलिस के संदेह के घेरे में आ गए हैं। रेड्डी पर निवेश धोखाधड़ी के मामले में आरोपी सैयद अहमद फरीद की ‘मदद’ करने का आ!रोप है।

पुलिस ने कहा है कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि रेड्डी और उनके सहयोगी अली खान को ईडी के अधिकारियों से ‘सौदा’ करने के लिए फरीद से 57 किलो सोना (18 करोड़ रुपये मूल्‍य) मिला था। सीसीबी पुलिस ने रेड्डी से संबंधित बेंगलुरु की एक प्रॉपर्टी में तला!शी अभियान चलाया। सीनियर पुलिस अफसरों ने बताया कि पूर्व मंत्री छि!प गए हैं।

बेंगुरु पुलिस कमिश्नर टी सुनील कुमार ने बुधवार को बताया कि सीसीबी पुलिस को रेड्डी के बारे में उस वक्त पता चला जब वह वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी एमबिएंट के खि!लाफ धो!खा!ध!ड़ी के एक मा!मले की जांच कर रही थी।

इस कंपनी पर 15 हजार लोगों को पॉन्जी स्कीम्स के जरिए 600 करोड़ रुपये का चू!ना लगाने का आ!रोप है। कंपनी ने अपने निवेशकों से 40 प्रतिशत तक का रिटर्न देने का वायदा किया था।

सीसीबी ने पाया कि एमबिएंट के संस्थापक सैयद अहमद फरीद ने इस साल बेंगलुरु पुलिस की ओर से मा!मले दर्ज किए जाने के बाद ईडी की जांच से बचने के लिए पूर्व मंत्री से संपर्क किया था। पुलिस का कहना है कि रेड्डी ने मदद के बद!ले सोने के रूप में 20 करोड़ रुपये की मांग की।

सीसीबी के मुताबिक, इसके बाद 20 करोड़ रुपये कीमत का सोना क!थित तौर पर फरीद ने बेल्लारी के राजमहल फैंसी जूलर्स को ट्रांसफर किया। यह दुकान रेड्डी और उनके समूह से संबंधित है। बाद में जूलर ने क!थित तौर पर इस सोने को रेड्डी को सौंप दिया।