करोड़ों रुपये की लागत से बना स्कूल, भैंसों का तबेला बन चुका है

करोड़ों रुपये की लागत से बना स्कूल, भैंसों का तबेला बन चुका है

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नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के पार्षद ने सरकारी पैसे से एक स्कूल बनवाया, लेकिन उसे शुरू नहीं किया गया. फिर जब कुछ सालों बाद उसकी जर्जर हालत हो गई तो दूसरे पार्षद ने उसकी बिल्डिंग को ठीक करवाया. अब हालात ये है कि एमसीडी का ये स्कूल भैंसों का तबेला बन चुका है.

देखें ये रिपोर्ट…

बख्तावरपुर वार्ड के दिल्ली नगर निगम स्कूल के हालात आपको सोचने पर मजबूर कर देंगे. पांच साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया ये स्कूल जर्जर हे चुका है. बता दें कि कुछ समय पहले ही इस स्कूल पर करीब 45 लाख रुपये दोबारा ठीक करने में लगाए गए हैं.

कभी शुरू ही नहीं हुआ स्कूल
हैरानी की बात है कि नगर निगम का ये स्कूल आजतक शुरू ही नहीं हुआ. नतीजा ये रहा कि जिन बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए इसे बनाया गया था, आज वहीं बच्चे इसे जुए और नशे का अड्डा बना चुके हैं. यहां आपको गाय-भैंस और उनके गोबर से लेकर आराम फरमाते शराबी भी मिल जाएंगे.

पार्षद भी हैं हैरान!
स्कूल का नवीनीकरण करवाने वाले निगम पार्षद भी हैरान हैं. वो खुद असमंजस में हैं कि इतने पैसे खर्च करने के बावजूद स्कूल की तस्वीर और तकदीर क्यों नहीं बदली. हालांकि उनका कहना है कि उन्होंने निगम स्कूल बिल्डिंग से शराबियों, नशेड़ियों और जुआरियों को भगा दिया गया है.

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ये है बिल्डिंग की हालत
स्कूल के प्रांगण में और फर्श पर गोबर पड़ा है. क्लास रूम में डेस्क नहीं हैं और वॉशरूम में कमोड और वॉश-बेसिन टूटे पड़े हैं. ना तो स्कूल से नशेड़ी निकले हैं और ना ही अभी तक गाय-भैसों का तेबेला हटा है. जनता का एक ही सवाल है कि आखिर ये स्कूल क्यों शुरू नहीं हो पा रहा है, जिसका पार्षदों के पास कोई जवाब नहीं है.