अमरीका, ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध की तैय्यारी कर रहा है, देखें वीडियो

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अमरीकी महिला कार्यकर्ता मेदिया बेंजामिन ने अमरीकी सरकार के चेहरे से पाखंड की नक़ाब नोचते हुए कहा है कि वाशिंगटन, ईरान में प्रदर्शनों का समर्थन करता है, जबकि अमरीका में इसकी अनुमति नहीं दी जाती।

बुधवार को हडसन इंस्टीट्यूट में ईरानी मामलों के अमरीकी प्रतिनिधि ब्रायन हुक के भाषण के दौरान, कोड पिंक इंस्टीट्यूट को सह संस्थापक मेदिया ने जब अमरीकी पाखंड को उजागर करने का प्रयास किया तो उनके साथ बहुत ही क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया गया।

हुक के भाषण के पहले चरण के बाद, मेदिया अचानक स्टेज पर जा खड़ी हुईं और उन्होंने ईरान विरोधी अमरीकी नीतियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए चिल्लाकर कहा, अब और युद्ध नहीं, हमें ईरान के साथ शांति चाहिए।

हालांकि सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें तुरंत वहां से खींचकर हटा दिया, जिसे उन्होंने अपने साथ किया गया बहुत ही अपमानजनक व्यवहार बताया है।

उन्होंने कहा, यह पाखंड नहीं तो और क्या है कि अमरीका, ईरान में प्रदर्शनों का बढ़ चढ़कर समर्थन करता है, लेकिन अपने देश में इसे सहन नहीं किया जाता।

आश्चर्य की बात यह है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी का कलमा पढ़ने वाली अमरीका मीडिया ने हडसन इंस्टीट्यूट की घटना का कहीं ज़िक्र तक नहीं किया है। हालांकि मेदिया बेंजामिन का कहना है कि इससे उन्हें सच बात कहने से नहीं रोका जा सकता और वे अपने इस क़दम से ख़ुश हैं।

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के सलाहकार ब्रायन हुक ने अपने भाषम में जब ईरान को परमाणु हथियारों की प्राप्ति से रोकने का दावा किया तो मेदिया उठ खड़ी हुईं और उन्होंने अमरीकी युद्धोन्माद का विरोध किया।

उन्होंने चिल्लाकर कहा, तुम लोग ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध के लिए माहौल बना रहे हो। इराक़ के साथ युद्ध का अंजाम किया हुआ? हमने जो ग़लती इराक़ के बारे में की थी, वही अब ईरान के बारे में दोहराने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, जर्मनी, फ़्रांस, ब्रिटेन और विश्व समुदाय ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को बाक़ी रखना चाहते हैं, जबकि अमरीका ने इस समझौते को तोड़ दिया है।

हुक की इस टिप्पणी पर कि उन्हें आशा है कि ईरान एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करेगा, कहा हमें अपने घटक सऊदी अरब के बारे में क्यों बात नहीं करते? वह विश्व शांति के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है। यह सऊदी अरब है जो यमन में आम लोगों का जनसंहार कर रहा है।

ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी प्रतिबंधों की निंदा करते हुए मेदिया ने कहा, यह प्रतिबंध ईरानी जनता को प्रभावित कर रहे हैं, न कि ईरानी सरकार को।

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