70 रुपया का रिफ़ाइंड तेल महंगा पड़ता है 700 रुपया ज़ैतून के तेल से

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जान अब्दुल्लाह
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जी हां, आपने सही पढ़ा है और यह पोस्ट समाप्त होते होते आप इस बात को मान लेंगे कि असल मे 70 रुपया लीटर रिफाइंड तेल आपको 700 रुपया लीटर ज़ैतून तेल से महंगा पड़ता है।

जब हम रिफाइंड तेल लाते है तो उसके ऊपर कम खर्चा किये जाने के कारण उसके प्रति हमारा व्यवहार अलग होता है। तब हम खाना इस तरह बनाते हैं :

– कड़ाई में तेल गरम, प्याज़ और टमाटर तलना, सब्जी डालना इत्यादि

इस तरह हम 50 ml डालते हो तो 25 ml और डाल दे तो टेंशन नही लेते कुछ तो 100 ml तक भी डाल देते है

मान लीजिए आप रोज 75 ml रिफाइन आयल लेते है तो 10 दिन में 750 ml और 30 दिन में 2250 ml यानी सवा 2 लीटर तेल लेते है। इस तरह 6 महीने में आप 13.5 लीटर तेल पी जाते है जो आपको 945 का पड़ता है यानी 1 महीने में तेल पर आपका 157 रुपया गया।

इसको हम 160 मान लेते हैं।

अब बात करते है ज़ैतून के तेल की। मैं अपना अनुभव बताउ तो शुरू में मैं भी यही डर में था कि 700 रुपया लीटर वाला तेल महंगा न पड़ जाए। इसी डर ने मुझे एक मार्ग दिखाया कि जब मैं यह तेल सेहत के दृष्टिकोण से ले रहा हूँ तो टेस्ट पर थोड़ा नेगोसिएशन करना पड़ेगा। चूंकि तेल पर ज़्यादा पैसा देकर आने से इसके प्रति मेरा व्यवहार बदल गया। वो यह कि अब मैं खाना कुछ यूं पकाता हूँ

– प्याज़ टमाटर कच्चे खाता हूं सलाद के रूप में, जो सब्जी होती है उसको बॉयल्ड या स्टीम में पकाता हूँ, चावल भी उबाल लेता हूँ। फिर 1 चम्मच तेल खाने पर ऊपर से डाल देता हूँ

इस तरह मुझे 12 से 15 ml ज़ैतून का तेल भी मिला और प्याज़ तथा टमाटर पहले के मुकाबले ज्यादा अच्छी फॉर्म में मिले।

यदि मैं रोज़ 15 ml ज़ैतून का तेल लू तो 1 लीटर चलता है 66 दिन यानी 2 महीने से ऊपर। इस हिसाब से 700 रुपया का तेल पर मैं प्रतिदिन 10 रुपया खर्च कर रहा हूँ यानी महीने के 300 रुपया

रिफाइंड में कितना था —> 160 रुपया
ज़ैतून में कितना है—> 300 रुपया

यानी 10 गुना महंगा तेल व्यवहार बदलने से दुगने पर आगया।

लेकिन सिर्फ इसको मत देखिये यह भी देखिए कि 160 में आपको क्या मिल रहा है और 300 में आपको क्या

160 में आपको ऐसा ज़हर मिल रहा है जो तेल नही है क्योकि उसकी गंध और स्वाद दोनो गायब है और जब आप यह तेल खाते है तो असल मे आप आने शरीर को पोषक तत्व नही दे रहे है यानी पोषक तत्वों की चोरी। दूसरा इसमे ट्रांस फैट और फैटी एसिड बहुत है जो आगे आपको दिल से संबंधित बीमारी देने वाला है

जबकि ज़ैतून के तेल के 2 चमच भी सेफ ज़ोन लिमिट में आते है। इसके अलावा आपको पोषक तत्व भी मिलते है।

आप जो यह सोचो कि 160 वाला लेकर आप 140 रुपया बचा रहे हो तो तीस साल बाद इससे दुगना आपका एक स्टेंट में खप जाएगा बाकी हॉस्पिटल फीस की तो छोड़ दीजिये, तकलीफ होगी वो अलग।

लेकिन मैं जानता हूँ अब भी 700 वाला तेल हर कोई नही ले सकता इसलिए मैं क्या करता हूँ कि मैं अलग अलग तेल ले आया हूँ जैसे तिल का तेल (300), मूगफली का तेल (150) देशी घी (480), सरसो का तेल(130) , नारियल का तेल (375)

इस तरह एक एक दिन बताये हुए तरीके से सभी तेल खाने से यह आपको रिफाइंड से भी सस्ता पड़ेगा और रोज़ आप अलग स्वाद अनुभव करेंगे साथ मे आपको सबका पोषण भी मिलेगा।

हा हफ्ते में एक दिन एक समय आप खुद को पुरुस्कार दीजिये और जो खाना आप जिस तेल में जैसे मर्ज़ी बनाकर खाइये क्योकि हफ्ते में 1 दिन रिफाइंड लेने से भी अपको कोई नुकसान नही। आपको इनाम के रूप में मिला व्यंजन प्रोत्साहित करेगा

तो हेल्थी खाना हमेशा आपको सस्ता पड़ेगा, बहुत सस्ता