विश्व के देशों को अमेरिका का सम्मान करना चाहिये : ट्रंप

विश्व के देशों को अमेरिका का सम्मान करना चाहिये : ट्रंप

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डोनाल्ड ट्रंप जब से अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से उनकी नीतियों व कार्यवाहियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत अधिक तनाव उत्पन्न हो गये हैं।

ट्रंप ने अमेरिका के दोस्तों और दुश्मनों की बारमबार आलोचना की है। इसी कारण विश्व के बहुत से देशों के साथ अमेरिका के संबंध तनावग्रस्त हो गये हैं। ट्रंप कुछ अंतरराष्ट्रीय समझौतों से एकपक्षीय रूप से निकल गये हैं जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव उत्पन्न होने का कारण बना है। ट्रंप एकपक्षीय और मनमानी की नीति अपना कर दूसरे देशों पर अमेरिका के दृष्टिकोणों को थोपना चाहते हैं।

ट्रंप ने यूरोपीय संघ, नैटो, जर्मनी, चीन, जापान, उत्तर और दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब और ईरान के बारे में अपने दृष्टिकोणों की कई बार पुनरावृत्ति की और दूसरे देशों के संबंध में अमेरिका की विदेश नीति की ओर संकेत करते हुए कहा कि उनके दृष्टिकोणों के परिणाम में अमेरिका का सम्मान किया जाना चाहिये। ट्रंप ने एक बार अपने भाषण में यूरोपीय देशों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि यद्यपि विदित में यूरोप अच्छा व सुन्दर प्रतीत होता है परंतु वह निर्दयी है और उसका गठन हमसे लाभ उठाने के लिए किया गया है। ट्रंप ने इसी प्रकार चीन के खिलाफ अपने अतिवादी बयान में कहा कि दोनों देशों के मध्य वर्षों की अन्यायपूर्ण नीतियों के कारण बीजींग ने वाशिंग्टन से अरबों डालर का लाभ उठाया है परंतु जब से मेरा राष्ट्रपति काल आरंभ हुआ है यह प्रक्रिया समाप्त हो गयी है।

ट्रंप ने इसी प्रकार जापान और दक्षिण कोरिया की भी तीव्र आलोचना की और दावा किया कि अमेरिका उनकी रक्षा की कीमत चुका रहा है किन्तु जापान अमेरिका का दुरुपयोग कर रहा है। ट्रंप ने इसी प्रकार सऊदी अरब द्वारा अमेरिका को पैसा दिये जाने के बारे में कहा कि हमारे कार्य के बदले में जो मिला वह कुछ भी नहीं है। हम धनाढ़य देशों की सुरक्षा कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी प्रकार ईरान के बारे में कहा कि मेरे राष्ट्रपति होने से पहले ईरान 12 मिनट के अंदर पूरे मध्यपूर्व पर नियंत्रण कर सकता था।

बहरहाल ट्रंप का हालिया बयान इस बात का सूचक है कि वह पूरे विश्व को अपना ऋणी समझते हैं और चीन एवं यूरोपीय संघ अमेरिका का दुरुपयोग कर रहे हैं और जापान, दक्षिण कोरिया और सऊदी अरब जैसे देश फ्री में अमेरिका से लाभ उठा रहे हैं।