#MeToo_एम.जे. अकबर पर सुषमा स्वराज और स्मृति ईरानी क्यों चुप्पी साधे बैठी हैं!

#MeToo_एम.जे. अकबर पर सुषमा स्वराज और स्मृति ईरानी क्यों चुप्पी साधे बैठी हैं!

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भोपाल, (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्र में विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर पर लगे यौन शोषण के आरापों ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस ने अकबर से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। कांग्रेस की प्रदेश इकाई की मीडिया अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा, “अकबर मध्यप्रदेश से राज्यसभा में चुनकर गए हैं, और उन पर लगे आरोपों से राज्य की जनता अपरोक्ष रूप से शर्मसार हुई है। भारतीय राजनीति के इतिहास में इतना घृणित आरोप किसी पर नहीं लगा। एक-दो नहीं, नौ महिलाओं ने उन पर आरोप लगाया है। चाल, चरित्र और चेहरे की बात करने वाले और राजनीति में शुचिता की बात करने वालों को पीड़ित महिलाओं ने करारा तमाचा मारा है।” .

उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रवृत्ति ही आरोपियों को संरक्षण देने की है। भाजपा हमेशा ही महिलाओं के प्रति घृणित भावना रखने वालों के साथ खड़ी रहती है। महिलाओं के खिलाफ अपराध में 70 प्रतिशत से अधिक अपराधी छूट जाते हैं, क्योंकि भाजपा सरकार ऐसे अपराधियों का साथ देती है।

शोभा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भाजपा की सरकार दुष्कर्म के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति रखेगी। आज उनकी केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और स्मृति ईरानी इस मामले पर एक शब्द भी क्यों नहीं बोल रही हैं? मीडिया द्वारा लगातार पूछे जाने पर भी आखिर वे क्यों चुप्पी साधे बैठी हैं?

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कठुआ और उन्नाव में दुष्कर्म के आरोपी जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों को भी बचाया जा रहा है। मध्यप्रदेश दुष्कर्म में नंबर वन पर है। प्रधानमंत्री को एम.जे. अकबर जैसे मंत्री से तत्काल इस्तीफा ले लेना चाहिए, क्योंकि सीधे उनके चरित्र पर उंगली उठी है।

शोभा ओझा ने कहा कि ‘बहुत हुआ नारी पर अत्याचार-अबकी बार मोदी सरकार’ का नारा देने वाली भाजपा और उसके प्रधानमंत्री की यह आपराधिक चुप्पी बेहद शर्मनाक है।

(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है. हेडलाइन को छोड़कर इस खबर में कोई बदलाव नहीं किया है.)