दिल्ली : निजी शेल्टर होम में घिनौने अपराध

दिल्ली : निजी शेल्टर होम में घिनौने अपराध

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शेल्टर होम (आश्रय गृह) की शर्मिंदा कर देने वाली कहानियां धीरे धीरे सामने आने लगी हैं। राजधानी के एक निजी शेल्टर होम में पड़ताल में हैवानियत की घटना सामने आई है। यहां कोई बात न मानने पर छोटी बच्चियों तक को मिर्ची पाउडर डालकर उन्हें सजा दी जाती थी। आरोप है कि शेल्टर होम की महिला कर्मचारी कमरे साफ न करने, स्टाफ की बात न मानने पर सबके सामने इस तरह के घिनौने अपराध कर रही थीं।

समिति ने आनन-फानन में इसकी जानकारी अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को दी। इसके बाद, स्वाति मालीवाल पूरी टीम के साथ रात में ही शेल्टर होम पहुंचीं और स्टाफ के दुर्व्यवहार की जानकारी ली। इसके बाद द्वारका पुलिस उपायुक्त से बातचीत की। इसके बाद पुलिस टीम सादे कपड़ों में शेल्टर होम पहुंची और बच्चियों के बयान दर्ज किए।

दरअसल, दिल्ली सरकार की सलाह पर दिल्ली महिला आयोग ने राजधानी के सरकारी और निजी शेल्टर होम की जांच और सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस समिति को गुरुवार को द्वारका स्थित एक निजी शेल्टर होम की पड़ताल के दौरान इस हैवानियत का पता चला। स्वाति मालिवाल ने महिला एवं बाल विकास मंत्री को भी इस पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।

यलेट साफ करने का जिम्मा भी लड़कियों पर
उन्होंने तुरंत बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को वहां जाने का आदेश दिया। बच्चियों ने आयोग से अपील की कि उनको वहां से दूसरी जगह न भेजा जाए, क्योंकि उनका स्कूल शेल्टर होम के पास ही है। इसलिए आयोग ने बाल कल्याण समिति से आग्रह किया कि शेल्टर होम के स्टाफ को हटाया जाए। रातभर वहां रुकने के बाद आयोग ने बच्चियों की सुरक्षा के लिए काउंसलर की टीम और सादे कपड़ों में पुलिस के जवान तैनात कराए।

शेल्टर होम में 6 से 15 साल की लड़कियां मौजूद थीं। 22 लड़कियों के लिए एक ही रसोइया है। समिति ने शेल्टर होम में रहने वाली अलग-अलग उम्र की लड़कियों से बात की। बड़ी उम्र की लड़कियों ने बताया कि उनको शेल्टर होम में सारे घरेलू काम करने पड़ते हैं।

स्टाफ की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से उन्हें छोटी लड़कियों की देखभाल करनी पड़ती थी। उनसे बर्तन धुलवाए जाते हैं और टॉयलेट भी साफ कराए जाते हैं। इससे इनकार पर उन्हें सजा दी जाती थी। बच्चियों ने बताया कि उन्हें मिलने वाले खाने की गुणवत्ता भी खराब होती है।

बच्चियों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए
नई दिल्ली। महिला आयोग की समिति की शिकायत पर द्वारका सेक्टर 23 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने प्रताड़ित लड़कियों के बयान अदालत में दर्ज कराए हैं।