आलोक वर्मा मामले में मोदी का समर्थन करने वाले वरिष्ठ जज सीकरी ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया

आलोक वर्मा मामले में मोदी का समर्थन करने वाले वरिष्ठ जज सीकरी ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया

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सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से हटाने के लिए प्रधान मंत्री मोदी के पक्ष का समर्थन करने के कारण विवादों में घिरे सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम जज एके सीकरी ने सीएसएटी में उन्हें नामित करने के मोदी सरकार के फ़ैसले को ठुकरा दिया है।

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक़, मोदी सरकार ने दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश एके सीकरी को लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय पंचायती ट्रिब्यूनल सीएसएटी में नामित करने का फैसला किया था। इसी समय सुप्रीम कोर्ट में आलोक वर्मा मामले की सुनवाई चल रही थी।

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़ एके सीकरी ने सरकार के इस फ़ैसले को ठुकरा दिया है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आलोक वर्मा की सीबीआई निदेशक पद पर बहाली के बाद बीते गुरुवार को मोदी की अगुवाई वाली चयन समिति ने 1 के मुक़ाबले 2 मत के ज़रिए से उनके पद से हटा दिया था। समिति में मोदी के अलावा सुप्रीम कोर्ट जज एके सीकरी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे थे।

चयन समिति के इस फैसले की काफी आलोचना हो रही है।

यहां तक कि आलोक वर्मा मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के जांच की निगरानी करने वाले सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस एके पटनायक ने बीते शुक्रवार को कहा कि वर्मा के खिलाफ़ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली समिति ने उन्हें हटाने के लिए बहुत जल्दबाज़ी में फैसला लिया है।